केरल

चुनावी प्रतिद्वंद्वी को दिया सम्मान कांग्रेस MLA की पहल चर्चा में

Ratna Netam
19 Sept 2026 4:42 PM IST
चुनावी प्रतिद्वंद्वी को दिया सम्मान कांग्रेस MLA की पहल चर्चा में
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कोट्टायम। राजनीति में विकास कार्यों का श्रेय लेने को लेकर अक्सर नेताओं और राजनीतिक दलों के बीच खींचतान देखने को मिलती है। लेकिन केरल के कोट्टायम जिले में इससे बिल्कुल अलग तस्वीर सामने आई है। पूंजार विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक सेबेस्टियन एमजे ने राजनीतिक शिष्टाचार का उदाहरण पेश करते हुए एक नवनिर्मित पुल का लोकार्पण अपने पूर्ववर्ती और चुनावी प्रतिद्वंद्वी सेबेस्टियन कुलाथुंकल से करवाया। खास बात यह है कि हालिया विधानसभा चुनाव में सेबेस्टियन एमजे ने कुलाथुंकल को ही हराया था। इसके बावजूद उन्होंने पुल के निर्माण का श्रेय पूर्व विधायक को देते हुए उन्हें उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया।
मामला एरुमेली-अमाकुन्नु पुल से जुड़ा है। इस पुल परियोजना को उस समय मंजूरी मिली थी, जब केरल कांग्रेस (एम) के नेता सेबेस्टियन कुलाथुंकल पूंजार विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। कुलाथुंकल 2021 से 2026 तक इस क्षेत्र के विधायक रहे। उनके कार्यकाल के दौरान पुल निर्माण के लिए विधायक निधि से 80 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। बाद में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सेबेस्टियन एमजे ने कुलाथुंकल को पराजित कर सीट अपने नाम की।
नई सरकार और नया विधायक आने के बाद पुल का निर्माण पूरा हुआ तो इसके उद्घाटन की तैयारी शुरू हुई। आम तौर पर ऐसी परिस्थितियों में वर्तमान जनप्रतिनिधि ही विकास परियोजना का उद्घाटन करते हैं। हालांकि सेबेस्टियन एमजे ने अलग रास्ता चुना। स्थानीय निकाय के एक प्रतिनिधि के अनुसार, जब पुल के उद्घाटन की तैयारी की जा रही थी, तब मौजूदा विधायक ने खुद सुझाव दिया कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने और इसके लिए राशि उपलब्ध कराने वाले पूर्व विधायक को कार्यक्रम में बुलाया जाना चाहिए।
इसके बाद सेबेस्टियन कुलाथुंकल को औपचारिक रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। शुक्रवार को आयोजित समारोह में दोनों नेता एक साथ पहुंचे और रिबन काटकर पुल को जनता के लिए समर्पित किया। कार्यक्रम की एक और खास बात यह रही कि उद्घाटन से जुड़े शिलालेख पर मौजूदा विधायक सेबेस्टियन एमजे का नाम नहीं लिखा गया था।
कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक ने साफ तौर पर कहा कि इस पुल के निर्माण का श्रेय उनके पूर्ववर्ती को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व विधायक ने अपने कार्यकाल में इसके लिए धनराशि उपलब्ध नहीं कराई होती तो आज इस परियोजना का उद्घाटन संभव नहीं हो पाता। उनका कहना था कि सार्वजनिक परियोजना के लिए जिन लोगों ने शुरुआत से प्रयास किया, उनके योगदान को स्वीकार करना जरूरी है।
सेबेस्टियन एमजे ने यह भी कहा कि पूर्व विधायक से पुल का उद्घाटन करवाने में उनके सम्मान को किसी तरह की ठेस नहीं पहुंचती। उनके मुताबिक राजनीति का उद्देश्य समाज और क्षेत्र का विकास होना चाहिए। यदि किसी पूर्व जनप्रतिनिधि ने किसी परियोजना के लिए धन उपलब्ध कराया और उसे आगे बढ़ाया है, तो उसके योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने पंचायत और ब्लॉक पंचायत स्तर पर उस समय जिम्मेदारी निभाने वाले जनप्रतिनिधियों के योगदान का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस विधायक के इस कदम की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि पूर्व विधायक सेबेस्टियन कुलाथुंकल राजनीतिक रूप से उनके प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। कुलाथुंकल केरल कांग्रेस (एम) से जुड़े हैं, जो एलडीएफ गठबंधन का हिस्सा है। हालिया विधानसभा चुनाव में दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में थे और सेबेस्टियन एमजे ने जीत हासिल की। इसके बावजूद पुल के उद्घाटन के दौरान चुनावी प्रतिद्वंद्विता को किनारे रखते हुए पूर्व विधायक के योगदान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया।
पुल का निर्माण स्थानीय लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में मौजूदा विधायक ने इसे क्षेत्र के लोगों के लंबे समय से चले आ रहे सपने के पूरा होने जैसा बताया। विधायक बनने के बाद इस इलाके में यह उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम भी था। ऐसे में वे स्वयं उद्घाटन कर सकते थे, लेकिन उन्होंने परियोजना की शुरुआत और वित्तीय स्वीकृति में पूर्व विधायक की भूमिका को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि किसी दूसरे नेता के योगदान को स्वीकार करने से उनका राजनीतिक महत्व कम नहीं होता। उनका संदेश था कि एक जनप्रतिनिधि ने अपने कार्यकाल में जो जिम्मेदारी निभाई, उसका सम्मान किया जाना चाहिए और वर्तमान जनप्रतिनिधि को भी अपनी जिम्मेदारियां उसी गरिमा के साथ निभानी चाहिए। इस कार्यक्रम के जरिए दोनों नेताओं ने सार्वजनिक परियोजना को राजनीतिक श्रेय की प्रतिस्पर्धा से अलग रखने का संदेश दिया।
आमतौर पर चुनाव खत्म होने के बाद भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जारी रहती है और विकास परियोजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास तथा श्रेय को लेकर विवाद सामने आते रहते हैं। ऐसे माहौल में पूंजार के मौजूदा और पूर्व विधायक का एक मंच पर आना और संयुक्त रूप से पुल का उद्घाटन करना अलग राजनीतिक तस्वीर पेश करता है। कार्यक्रम में मौजूदा विधायक ने स्पष्ट किया कि पूर्व विधायक द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि और उनके कार्यकाल में हुए प्रयास को नजरअंदाज करना उचित नहीं होता।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही रहा कि सेबेस्टियन एमजे ने उस नेता को सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया, जिसे उन्होंने चुनावी मुकाबले में पराजित किया था। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपनी जगह रही, लेकिन विकास परियोजना के मामले में पूर्व विधायक के योगदान को स्वीकार किया गया। एरुमेली-अमाकुन्नु पुल के उद्घाटन का यह कार्यक्रम इसी वजह से केवल एक विकास परियोजना का लोकार्पण नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक शिष्टाचार और पूर्ववर्ती जनप्रतिनिधि के काम को श्रेय देने के उदाहरण के रूप में भी चर्चा में आ गया।
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