केरल

हाई कोर्ट से बीजेपी को राहत: पार्षद आर. सुगाथन की KAAPA हिरासत रद्द

Tara Tandi
6 Oct 2026 5:33 PM IST
हाई कोर्ट से बीजेपी को राहत: पार्षद आर. सुगाथन की KAAPA हिरासत रद्द
x
कोच्चि: केरल हाई कोर्ट ने तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन के बीजेपी पार्षद आर. सुगाथन के खिलाफ 'केरल एंटी-सोशल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट' (KAAPA) लगाने के ज़िला कलेक्टर के आदेश को रद्द कर दिया है। उनकी हिरासत ने कॉर्पोरेशन में सत्ताधारी बीजेपी के लिए एक गंभीर संकट पैदा कर दिया था। कोर्ट की कार्यवाही से अब बीजेपी को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद, सुगाथन को जल्द ही विय्युर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
सुगाथन वट्टियूरकावु पुलिस की 'राउडी लिस्ट' (बदमाशों की सूची) में शामिल हैं। उन पर कई मामले दर्ज हैं, जिनमें 25 अगस्त 2019 को एक व्यक्ति के सिर पर पत्थर मारकर हत्या की कोशिश (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) का मामला; 20 जुलाई 2023 को किसी और के घर में घुसकर तोड़-फोड़ करने और गाड़ियां क्षतिग्रस्त करने का मामला; और 17 जुलाई 2023 का मामला शामिल है, जिसमें वह एक महिला के घर में घुसे और उसके पति से बदला लेने के लिए महिला के साथ मारपीट की।
वह 2025 के एक मामले में भी आरोपी हैं, जिसमें व्यापारिक विवाद के बाद एक युवक के साथ मारपीट की गई थी और गैर-इरादतन हत्या के प्रयास का आरोप दर्ज किया गया था। 25 जुलाई 2025 को, उन्होंने एक सुरक्षा कर्मचारी को पैसे का भुगतान न करने को लेकर एक न्यायिक अधिकारी को धमकी दी थी। 2 फरवरी 2026 को, उन्होंने एक चिल्ड्रेन होम (बच्चों के सुधार गृह) के कर्मचारियों को धमकी दी और उसके उद्घाटन समारोह में बाधा डाली।
इन मामलों के लंबित होने के बावजूद, बीजेपी ने पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में सुगाथन को वाझोट्टुकोनम से अपना उम्मीदवार बनाया था। वह भारी बहुमत से जीते थे।
KAAPA मामले में हिरासत में रहते हुए जेल के अंदर पार्षद के तौर पर सुगाथन का शपथ लेना सुर्खियों में रहा था। केरल के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी चुने हुए प्रतिनिधि ने जेल के अंदर पद की शपथ ली थी।
सुगाथन को जेल से तब रिहा किया जा रहा है जब पुलिस LDF की एक शिकायत की जांच कर रही है। LDF का आरोप है कि जेल में रहने के दौरान जब वह कॉर्पोरेशन काउंसिल की बैठकों में शामिल नहीं हुए थे, तब उनके उपस्थिति रजिस्टर में उनके जाली हस्ताक्षर किए गए थे।
Next Story