
तिरुवनंतपुरम। केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। शनिवार को इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अलग-अलग भूस्खलन की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन के अनुसार, भारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में जमीन खिसकने की घटनाएं बढ़ गई हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), फायर एंड रेस्क्यू विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
इडुक्की जिले के कुदायत्तूर के पास अडूरमाला इलाके में शनिवार तड़के हुए भूस्खलन में एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान सुमति के रूप में हुई है। जिला प्रशासन के मुताबिक, भूस्खलन का मलबा उनके घर पर गिर गया, जिससे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सुमति के पति और बेटे को मलबे से बाहर निकाला। दोनों घायल अवस्था में मिले, जिन्हें इलाज के लिए थोडुपुझा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में परिवार का घर पूरी तरह नष्ट हो गया।
सुमति की तलाश के लिए राहत एवं बचाव टीमों ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया। NDRF, फायर एंड रेस्क्यू विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से खोज अभियान चलाया, जिसके बाद उनका शव बरामद किया गया।
कोट्टायम जिले में भी भूस्खलन की एक घटना सामने आई। जिले के पूंजार क्षेत्र के पय्यानीथोटम में हुए भूस्खलन में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी मां के मलबे में दबे होने की आशंका है।
मृतक युवक की पहचान जॉनी के बेटे जोसेफ के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, जोसेफ को मलबे से बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन गंभीर चोटों के कारण अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। वहीं, उसकी मां की तलाश अभी भी जारी है। बचाव दल मलबे को हटाकर महिला की तलाश कर रहे हैं।
इडुक्की जिले के वागामोन इलाके में भी भूस्खलन से एक मकान नष्ट हो गया। इस घटना में प्रभाकरन नायर की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
केरल में मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। लगातार बारिश के कारण मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे पहाड़ी इलाकों में जमीन खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रख रहा है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव एजेंसियों को तैयार रखा गया है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है। जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए सुरक्षित स्थानों पर रहने की व्यवस्था की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि बारिश और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
लगातार हो रही बारिश ने केरल के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित किया है। सड़कों पर जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और स्थानीय स्तर पर आवागमन की समस्याएं सामने आ रही हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
फिलहाल इडुक्की और कोट्टायम में बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों ने कहा है कि लापता लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।





