केरल

ज्ञानेश कुमार से जुड़ी गड़बड़ियों पर जांच के आदेश, विजिलेंस करेगी मामले की पड़ताल

nidhi
4 Oct 2026 7:36 AM IST
ज्ञानेश कुमार से जुड़ी गड़बड़ियों पर जांच के आदेश, विजिलेंस करेगी मामले की पड़ताल
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ज्ञानेश कुमार के केरल कार्यकाल का पुराना मामला फिर सुर्खियों में

केरल : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ा करीब दो दशक पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। राज्य के गृह विभाग ने 2006 में हुई एक प्रारंभिक विजिलेंस जांच से संबंधित फाइलें और रिकॉर्ड तलब किए हैं। उस समय ज्ञानेश कुमार केरल में लोक निर्माण विभाग के सचिव के पद पर कार्यरत थे।

यह मामला केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत एमसी रोड के उन्नयन से जुड़ा था। परियोजना में भारत-मलेशिया से जुड़े एक कंसोर्टियम की भूमिका थी। इसी परियोजना से जुड़े मलेशियाई इंजीनियर ली सी बीन की 2006 में कुआलालंपुर में आत्महत्या के बाद विवाद खड़ा हुआ था। उनके सुसाइड नोट में कथित तौर पर ज्ञानेश कुमार का नाम आने के बाद तत्कालीन सरकार ने विजिलेंस जांच शुरू कराई थी।
रिपोर्टों के मुताबिक उस समय विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले में प्रारंभिक जांच की थी। हालांकि बाद में जांच आगे नहीं बढ़ सकी। अब राज्य के गृह विभाग ने उसी पुराने मामले से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं। शुरुआती स्तर पर कुछ पुराने दस्तावेजों को तलाशने में कठिनाई की बात भी सामने आई है। मामला ऐसे समय दोबारा सामने आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर भी चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।
हालांकि पुराने विजिलेंस रिकॉर्ड तलब किए जाने को अपने आप में नई जांच शुरू होने या किसी तरह की गड़बड़ी साबित होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक सरकार फिलहाल पुराने रिकॉर्ड और मामले की स्थिति की पड़ताल कर रही है। आगे कोई औपचारिक जांच या दूसरी कार्रवाई होगी या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ज्ञानेश कुमार के केरल में कार्यकाल से जुड़ा यह मामला करीब 20 साल पुराना है। पुराने रिकॉर्ड दोबारा मांगे जाने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि 2006 में हुई प्रारंभिक जांच किस स्तर तक पहुंची थी और उसका अंतिम परिणाम क्या रहा था। रिकॉर्ड मिलने के बाद ही इस बारे में ज्यादा स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है।
राजनीतिक रूप से भी इस घटनाक्रम पर नजर है। SIR को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच पुराने मामले की फाइलें तलब किए जाने से चर्चा और तेज हुई है। हालांकि इस मामले में आरोपों और स्थापित तथ्यों के बीच अंतर रखना महत्वपूर्ण है। फिलहाल केरल गृह विभाग की ओर से पुरानी विजिलेंस जांच के दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया इस मामले का प्रमुख घटनाक्रम है। रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सरकार मामले में आगे कोई कदम उठाती है या पुरानी जांच की स्थिति तक ही प्रक्रिया सीमित रहती है।

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