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वायनाड। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को 2024 के मुंडक्कई-चूरलमाला भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए बनाई जा रही टाउनशिप का दौरा किया। निर्माण कार्य का जायजा लेने के बाद उन्होंने कहा कि परियोजना अब पूरी होने के करीब दिखाई दे रही है और उम्मीद है कि अगले महीने या उसके कुछ सप्ताह बाद काम पूरा हो जाएगा।निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि काम सही दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें अगले महीने तक निर्माण पूरा होने की जानकारी दी गई है और यदि उस समय तक काम पूरा नहीं हुआ तो करीब डेढ़ महीने के भीतर इसके तैयार होने की उम्मीद है।
निर्माण कार्य का लिया जायजा
प्रियंका गांधी ने निर्माण स्थल पर चल रहे कार्यों को देखा और पुनर्वास परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। यह आवासीय पहल जुलाई 2024 की विनाशकारी आपदा में घर और संपत्ति गंवाने वाले परिवारों के पुनर्वास प्रयासों का हिस्सा है।वायनाड में भूस्खलन के बाद पुनर्वास लंबे समय से एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक और राजनीतिक मुद्दा रहा है। राज्य सरकार और विभिन्न राजनीतिक-सामाजिक संगठनों ने प्रभावित परिवारों के लिए अलग-अलग पुनर्वास योजनाएं शुरू की हैं। कांग्रेस ने भी पीड़ित परिवारों के लिए 100 मकानों वाली अपनी आवासीय परियोजना शुरू की है।
2024 में आई थी विनाशकारी आपदा
30 जुलाई 2024 को वायनाड के मुंडक्कई और चूरलमाला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ था। इस आपदा में सैकड़ों लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में परिवारों के घर, दुकानें तथा दूसरी संपत्तियां नष्ट हो गईं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा था।आपदा के बाद राहत एवं बचाव अभियान के साथ प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास की चुनौती सामने आई। इसके बाद आवास निर्माण, आजीविका बहाली, शिक्षा और दूसरी सहायता योजनाओं पर काम शुरू किया गया।
कांग्रेस ने शुरू की 100 मकानों की परियोजना
फरवरी 2026 में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की ओर से भूस्खलन प्रभावित परिवारों के लिए आवासीय परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। कांग्रेस ने इस परियोजना के तहत 100 मकान बनाने की योजना घोषित की थी।परियोजना के शुभारंभ के समय कांग्रेस ने कहा था कि प्रभावित परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराना पुनर्वास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। फरवरी में सामने आई जानकारी के अनुसार परियोजना का पहला चरण निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।अब सितंबर में प्रियंका गांधी के निरीक्षण और निर्माण कार्य को लेकर दिए गए बयान से संकेत मिला है कि परियोजना अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। हालांकि वास्तविक हस्तांतरण की तारीख निर्माण पूरा होने और आवश्यक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
प्रियंका ने पहले भी उठाए पुनर्वास के मुद्दे
वायनाड से सांसद बनने के बाद प्रियंका गांधी ने भूस्खलन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उनकी दूसरी जरूरतों को अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है। वह इससे पहले भी प्रभावित लोगों से मिल चुकी हैं और पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रमों में भाग ले चुकी हैं।फरवरी 2026 में आवासीय परियोजना के शुभारंभ के दौरान प्रियंका ने आपदा के बाद प्रभावित परिवारों की परिस्थितियों का उल्लेख किया था। कांग्रेस ने उस समय कहा था कि वह 100 परिवारों के लिए मकान तैयार करेगी।
छात्रों के लिए भी शुरू किया गया सहायता कार्यक्रम
पुनर्वास प्रयास केवल मकानों तक सीमित नहीं रहे हैं। 29 मार्च 2025 को प्रियंका गांधी ने मुंडक्कई-चूरलमाला भूस्खलन से प्रभावित विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम की शुरुआत की थी।उस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि आपदा के कारण कई विद्यार्थियों के सामने शिक्षा जारी रखने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई थी। कुछ विद्यार्थियों ने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया था और कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए थे। कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF ने प्रभावित विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद का आश्वासन दिया था।
पुनर्वास में घर के साथ आजीविका भी अहम
भूस्खलन में कई लोगों ने केवल अपने घर ही नहीं बल्कि दुकानें, कारोबार और रोजगार के साधन भी गंवाए थे। इसी कारण पुनर्वास में स्थायी मकानों के साथ आजीविका बहाल करना भी महत्वपूर्ण माना गया।फरवरी 2026 में कांग्रेस की आवास परियोजना के कार्यक्रम के दौरान उन व्यापारियों को आर्थिक सहायता भी दी गई थी जिनकी दुकानें आपदा में नष्ट हुई थीं। उस समय 40 लाभार्थियों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
वायनाड के दौरे पर हैं प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी इन दिनों अपने लोकसभा क्षेत्र वायनाड के दौरे पर हैं। मंगलवार को उन्होंने कलपेट्टा स्थित वायनाड जिला कलेक्ट्रेट में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी DISHA की बैठक में भी हिस्सा लिया। इस बैठक में जिले में विकास और कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।उनके कार्यक्रम में बिजली और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों की समीक्षा भी शामिल है।
प्रभावित परिवारों को स्थायी पुनर्वास का इंतजार
2024 की आपदा के दो साल से अधिक समय बाद भी स्थायी पुनर्वास वायनाड के प्रभावित परिवारों के लिए अहम मुद्दा बना हुआ है। अलग-अलग योजनाओं के तहत मकानों के निर्माण और हस्तांतरण का काम आगे बढ़ाया गया है, जबकि इसकी गति और समयसीमा को लेकर राजनीतिक बहस भी होती रही है।प्रियंका गांधी ने मंगलवार के निरीक्षण के बाद किसी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं की, लेकिन निर्माण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगले महीने या करीब डेढ़ महीने में काम पूरा होने की उम्मीद जताई। अब प्रभावित परिवारों की नजर निर्माण पूरा होने और आवास सौंपे जाने की आगे की प्रक्रिया पर रहेगी।
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