केरल

सकारात्मक पत्रकारिता जरूरी, वरना युवा भटक सकते हैं : Vice President

Kavita2
31 May 2026 6:00 PM IST
सकारात्मक पत्रकारिता जरूरी, वरना युवा भटक सकते हैं : Vice President
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Kerala केरल: वाइस प्रेसिडेंट सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि यदि सकारात्मक गतिविधियों और उपलब्धियों को सही तरीके से रिपोर्ट नहीं किया जाता है, तो युवा गलत दिशाओं की ओर आकर्षित हो सकते हैं। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में नकारात्मक या सनसनीखेज कंटेंट की बजाय रचनात्मक और सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि कंस्ट्रक्टिव जर्नलिज़्म यानी रचनात्मक पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने और लोगों का भरोसा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उनके अनुसार, मीडिया का प्रभाव युवाओं पर बहुत गहरा होता है, इसलिए यह जरूरी है कि मीडिया सकारात्मक विकास और प्रेरणादायक कहानियों को अधिक प्राथमिकता दे।

वाइस प्रेसिडेंट ने इस दौरान यह भी कहा कि अगर समाज में हो रही अच्छी घटनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों को पर्याप्त रूप से सामने नहीं लाया जाएगा, तो युवा वर्ग गलत या नकारात्मक प्रभावों की ओर आकर्षित हो सकता है। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से कहा कि ऐसे हालात में युवा “गलत चीजों के पीछे भाग सकते हैं”, जिससे समाज में संतुलन प्रभावित होता है।

सी.पी. राधाकृष्णन ने यह बयान मलयालम डेली ‘दीपिका’ की 140वीं वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दिया। इस कार्यक्रम में मीडिया, पत्रकारिता और समाज में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अखबार के लंबे इतिहास और उसकी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज में जागरूकता और जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देने में अहम योगदान देते हैं।

उन्होंने कहा कि मीडिया का काम केवल खबरें देना नहीं, बल्कि समाज को दिशा देना भी है। इसलिए जरूरी है कि समाचार माध्यम युवाओं के लिए सही जानकारी और सकारात्मक रोल मॉडल प्रस्तुत करें, ताकि वे प्रेरित होकर अपने जीवन में सही निर्णय ले सकें।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी मीडिया की बदलती भूमिका और डिजिटल युग में जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। इस दौरान यह भी चर्चा हुई कि सोशल मीडिया के दौर में जानकारी की गति तो बढ़ी है, लेकिन विश्वसनीयता और संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

वाइस प्रेसिडेंट ने अपने संबोधन में मीडिया संस्थानों से अपील की कि वे समाज में भरोसा बनाए रखने के लिए निष्पक्ष और संतुलित रिपोर्टिंग पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सकारात्मक खबरों को प्रमुखता देने से समाज में उम्मीद और विश्वास दोनों मजबूत होते हैं।

कुल मिलाकर, उनके इस बयान ने एक बार फिर मीडिया की जिम्मेदारी और उसके सामाजिक प्रभाव पर बहस को जन्म दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रचनात्मक और सकारात्मक पत्रकारिता ही एक स्वस्थ और जागरूक समाज की नींव रख सकती है।

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