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Kerala केरल: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (PM-SHRI) योजना पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना के तहत तैयार की जा रही शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को “एक विशेष विचारधारा के अनुसार ब्रेनवॉश” करना है, जो न केवल शिक्षा के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी खतरा है। वायनाड में एक कार्यक्रम के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार ने इस योजना को जिस ढांचे में बनाया है, उसमें कई तथ्यात्मक त्रुटियां और इतिहास से जुड़ी जानकारियों में बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा, “उन्होंने इतिहास और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर अपनी विचारधारा के अनुरूप ढाला है। यह शिक्षा नहीं, बल्कि विचारधारा थोपने का प्रयास है।”
प्रियंका ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य बच्चों के विचारों को विस्तृत करना होना चाहिए, न कि उन्हें किसी एक दिशा में सीमित करना। उन्होंने कहा, “बच्चों को विभिन्न विचारों और दृष्टिकोणों के बारे में सिखाया जाना चाहिए। उन्हें यह समझने का अवसर मिलना चाहिए कि समाज में अलग-अलग विचारधाराएं हैं और सबकी अपनी भूमिका है। लेकिन यह योजना सबकुछ एक ही दिशा में मोड़ने की कोशिश कर रही है, जो स्वस्थ नहीं है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इस योजना का पूरी तरह विरोध करती है क्योंकि इससे शिक्षा में वैचारिक असंतुलन पैदा होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केरल जैसी राज्य सरकारें अपने प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष रुख के लिए जानी जाती हैं, तो उन्होंने केंद्र की इस योजना को स्वीकार क्यों किया। प्रियंका ने कहा, “मुझे आश्चर्य है कि केरल सरकार ने इसका विरोध नहीं किया। मैंने सोचा था कि राज्य सरकार इस पर आपत्ति जताएगी, क्योंकि यह शिक्षा के क्षेत्र में एकतरफा सोच को बढ़ावा देता है।”
प्रियंका गांधी ने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य बच्चों में जिज्ञासा, तार्किकता और स्वतंत्र सोच को विकसित करना होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा को राजनीतिक या वैचारिक प्रचार का माध्यम बना दिया गया, तो आने वाली पीढ़ियां असंतुलित दृष्टिकोण लेकर आगे बढ़ेंगी। कांग्रेस लंबे समय से केंद्र की एनईपी (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) और उससे जुड़ी योजनाओं पर सवाल उठाती रही है। पार्टी का आरोप है कि नई नीतियों के जरिये सरकार शैक्षणिक संस्थानों का केंद्रीकरण कर रही है और पाठ्यक्रमों को एक विशेष विचारधारा की दिशा में मोड़ रही है।
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