
Kerala केरल: बारिश के दौरान चर्चा में आया पेरुम्बलम पुल अब लोगों की भीड़ कम होने के कारण खाली नजर आने लगा है। शुरुआती दिनों में इस पुल को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे थे, लेकिन मौसम बदलने और बारिश शुरू होने के बाद यहां आने वाले दर्शकों की संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पेरुम्बलम पुल को लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह था, लेकिन अब इसका भविष्य लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। पुल के आसपास अब पहले जैसा शोर और चहल-पहल नहीं दिख रही है, जिससे स्थानीय निवासी भी असमंजस की स्थिति में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नई सरकार इस पुल के विकास और रखरखाव को लेकर कितनी रुचि लेती है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। लोगों को डर है कि यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह पुल उपेक्षा का शिकार हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, पुल का तारकोल (डामरीकरण) कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है, जिससे आवागमन और सौंदर्य दोनों पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा पुल पर अभी तक लाइटिंग व्यवस्था भी स्थापित नहीं की गई है, जिसके कारण शाम के समय यहां सुरक्षा और सुविधा दोनों की समस्या बनी रहती है।
स्थानीय प्रशासन और पंचायत के सामने एक और बड़ी चुनौती बिजली बिल का भुगतान भी है। पंचायत के पास सीमित संसाधन होने के कारण यह चिंता जताई जा रही है कि यदि लाइटें लग भी जाती हैं, तो उनका नियमित बिजली खर्च वहन करना मुश्किल होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है, तो इसके लिए केवल निर्माण नहीं बल्कि नियमित रखरखाव, लाइटिंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सार्वजनिक संरचना की सफलता उसके रखरखाव और प्रबंधन पर निर्भर करती है। यदि समय पर आवश्यक सुविधाएं नहीं दी गईं, तो ऐसी परियोजनाएं धीरे-धीरे अपनी उपयोगिता खो सकती हैं।
कुल मिलाकर, पेरुम्बलम पुल जहां शुरुआत में आकर्षण का केंद्र बना था, वहीं अब अधूरे काम और रखरखाव की समस्याओं के कारण इसके भविष्य को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है।





