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केरल में पेंशन अब DBT से, सहकारी बैंकों की भूमिका खत्म

Kavita2
7 Aug 2026 2:17 PM IST
केरल में पेंशन अब DBT से, सहकारी बैंकों की भूमिका खत्म
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तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और कल्याण पेंशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। सरकार अब सहकारी बैंकों के माध्यम से सोशल सिक्योरिटी और वेलफेयर पेंशन बांटने की व्यवस्था को समाप्त करने जा रही है। इसके स्थान पर सभी पात्र लाभार्थियों को आधार से जुड़े बैंक खातों के माध्यम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के तहत पेंशन राशि दी जाएगी।

सरकार के इस फैसले के बाद अब अधिकांश पेंशन लाभार्थियों के लिए बैंक खाते के जरिए सीधे भुगतान की व्यवस्था लागू होगी। हालांकि, बिस्तर पर पड़े मरीजों और विशेष परिस्थितियों वाले लाभार्थियों को इस प्रक्रिया से छूट दी जाएगी, ताकि उन्हें पेंशन प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी न हो।

एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (LSGD) के.आर. ज्योतिलाल की ओर से जारी हालिया आदेश के अनुसार, वित्त विभाग ने सभी सोशल सिक्योरिटी पेंशन और वेलफेयर फंड बोर्ड पेंशन को DBT मोड में स्थानांतरित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

सरकार का मानना है कि DBT व्यवस्था लागू होने से पेंशन वितरण में अधिक पारदर्शिता आएगी और लाभार्थियों तक राशि सीधे पहुंच सकेगी। इससे भुगतान प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

वर्तमान व्यवस्था में कई लाभार्थियों को सहकारी बैंकों के माध्यम से पेंशन राशि उपलब्ध कराई जाती थी। इस प्रणाली में स्थानीय स्तर पर वितरण की सुविधा तो थी, लेकिन सरकार अब डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से DBT व्यवस्था लागू कर रही है।

आदेश के मुताबिक, संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी लाभार्थियों के बैंक खाते आधार से जुड़े हों। जिन लाभार्थियों के बैंक खाते अभी तक आधार से लिंक नहीं हैं, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा जाएगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिस्तर पर पड़े मरीजों और ऐसे लाभार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था जारी रहेगी, जो तकनीकी या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से बैंकिंग प्रक्रिया का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे लोगों को पेंशन उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

केरल में बड़ी संख्या में लोग विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत पेंशन प्राप्त करते हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सहायता शामिल है।

सरकार के इस कदम को प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि DBT के माध्यम से भुगतान करने से फर्जी लाभार्थियों की पहचान करने, भुगतान में देरी कम करने और सरकारी धन के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलेगी।

हालांकि, इस बदलाव को लेकर कुछ लाभार्थियों और संगठनों की ओर से चिंताएं भी जताई जा सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्ग और बैंकिंग सुविधाओं से कम जुड़े लोग नई व्यवस्था में शुरुआती कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं। ऐसे में सरकार के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि सभी पात्र लोगों को बिना किसी परेशानी के पेंशन मिलती रहे।

स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों को लाभार्थियों को नई व्यवस्था के बारे में जानकारी देने और उनकी सहायता करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक आधारित भुगतान प्रणाली के जरिए पेंशन वितरण को अधिक सुरक्षित और आसान बनाया जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार, DBT व्यवस्था केंद्र और राज्य सरकारों की कई योजनाओं में पहले से लागू है और इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है। हालांकि, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में इसका सफल क्रियान्वयन तभी संभव होगा जब सभी लाभार्थियों को बैंकिंग सुविधाओं और डिजिटल प्रक्रियाओं तक आसान पहुंच मिले।

केरल सरकार का यह फैसला राज्य में कल्याणकारी योजनाओं के संचालन के तरीके में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आने वाले समय में यह व्यवस्था किस तरह लागू होती है और लाभार्थियों को इससे कितना फायदा मिलता है, इस पर नजर रहेगी।

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