केरल

विरोध प्रदर्शन में शामिल होना पड़ा भारी, डॉक्टर पर बड़ी कार्रवाई

nidhi
5 Oct 2026 7:15 AM IST
विरोध प्रदर्शन में शामिल होना पड़ा भारी, डॉक्टर पर बड़ी कार्रवाई
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ड्यूटी छोड़ प्रदर्शन में पहुंचे डॉक्टर पर एक्शन
कासरगोड: केरल के कासरगोड में खेल एवं युवा मामलों के मंत्री ओजे जनीश के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पर एक अस्थायी डेंटल सर्जन को नौकरी से निकाल दिया गया है। डॉ. सिद्धार्थ रवींद्रन कासरगोड जिला अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत डेंटल सर्जन के पद पर कार्यरत थे। अधिकारियों के मुताबिक, एक अक्टूबर को मंत्री के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
डॉ. सिद्धार्थ रवींद्रन पिछले करीब आठ वर्षों से कासरगोड जिला अस्पताल में काम कर रहे थे। वह NHM के तहत एडहॉक कर्मचारी थे। रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री ओजे जनीश के जिले के दौरे के दौरान DYFI कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। कन्हांगड में हुए इसी प्रदर्शन में डॉ. रवींद्रन भी शामिल हुए थे।
प्रदर्शन के दौरान मंत्री के वाहन को रोकने की कोशिश की गई थी। इस घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद डॉक्टर की प्रदर्शन में मौजूदगी का मामला अधिकारियों तक पहुंचा। यूथ कांग्रेस ने तस्वीरों के साथ जिला अस्पताल के अधीक्षक को शिकायत दी और आरोप लगाया कि डॉक्टर ड्यूटी के समय अस्पताल छोड़कर प्रदर्शन में शामिल हुए थे। शिकायत मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने डॉ. रवींद्रन से स्पष्टीकरण मांगा। जिला अस्पताल के अधीक्षक ने उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद कार्रवाई की सिफारिश की। इसके बाद NHM की जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. धन्या दयानंदन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का आदेश जारी किया।
आदेश में डॉक्टर के आचरण को सरकारी कर्मचारियों पर लागू नियमों के खिलाफ बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, उनका प्रदर्शन में शामिल होना सेवा के दौरान लागू नियमों और जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सोसाइटी के साथ किए गए समझौते की शर्तों का उल्लंघन था। इसे गंभीर अनुशासनात्मक कदाचार मानते हुए सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की गई।
डॉ. रवींद्रन DYFI की कन्हांगड ब्लॉक इकाई के संयुक्त सचिव भी बताए गए हैं। मंत्री के खिलाफ कासरगोड और कन्नूर के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। कन्हांगड में प्रदर्शन के दौरान DYFI कार्यकर्ताओं और यूथ कांग्रेस तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति भी बनी थी। दोनों पक्षों को अलग रखने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस प्रदर्शन को लेकर होसदुर्ग पुलिस स्टेशन में 10 DYFI कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई। शुरुआती FIR में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं था। बाद में पुलिस ने पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। उन्हें होसदुर्ग प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट-I में पेश किया गया, जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता मंत्री की कार के बोनट पर चढ़ गया था और वाहन कुछ दूरी तक आगे बढ़ा था। पुलिस सूत्रों ने डॉ. रवींद्रन की प्रदर्शन में मौजूदगी की भी पुष्टि की और उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही। इस मामले में डॉक्टर के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई और प्रदर्शन से जुड़ी पुलिस कार्रवाई अलग-अलग स्तर पर हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक डॉक्टर को ड्यूटी के दौरान विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने और सेवा नियमों के उल्लंघन के आधार पर NHM की नौकरी से हटाया गया है।
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