
Kerala केरल: राज्य में बढ़ती गर्मी के बीच लंबी दूरी की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को नई तरह की असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई KSRTC और निजी बसों में लगाए गए स्लाइडिंग ग्लास विंडो सिस्टम को लेकर यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। नॉन-AC बसों में यह बदलाव अब यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है।
यात्रियों का कहना है कि आधुनिकता और बेहतर दृश्यता के नाम पर लगाई गई पूरी तरह कांच की खिड़कियों ने गर्मी के मौसम में सफर को और मुश्किल बना दिया है। तेज धूप और गर्म हवा के कारण बसों के अंदर तापमान काफी बढ़ जाता है, जिससे सफर असहनीय हो जाता है। कई यात्रियों ने इन बसों को “ग्लास हाउस” जैसा अनुभव बताया है।
लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों का कहना है कि पहले इस्तेमाल होने वाले पुराने शटर सिस्टम में हवा का बेहतर प्रवाह होता था, जिससे गर्मी में भी कुछ राहत मिलती थी। लेकिन अब पूरी तरह बंद ग्लास विंडो के कारण नॉन-AC बसों में गर्मी और उमस दोनों बढ़ गई है।
यात्रियों के बीच अब पुराने शटर सिस्टम को वापस लाने की मांग तेज हो रही है। उनका कहना है कि अगर पूरी तरह से आधुनिक ग्लास विंडो हटाना संभव नहीं है, तो कम से कम वैकल्पिक वेंटिलेशन की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि हवा का प्रवाह बना रहे।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि AC बसों में ग्लास विंडो जरूरी हैं ताकि अंदर का तापमान नियंत्रित रहे और एयर कंडीशनिंग की प्रभावशीलता बनी रहे। वहां यह सिस्टम यात्रियों के लिए किसी तरह की समस्या पैदा नहीं करता।
लेकिन नॉन-AC बसों में यही डिजाइन यात्रियों के लिए असुविधा का कारण बन रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजाइन और जलवायु के अनुसार बसों की संरचना में संतुलन जरूरी है, ताकि यात्रियों को हर मौसम में आरामदायक यात्रा मिल सके।
फिलहाल, यह मुद्दा परिवहन विभाग और बस ऑपरेटरों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यात्रियों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में बस डिजाइन में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।





