केरल

NH-66 एलिवेटेड रोड: सिंकहोल से हंगामा, मरम्मत पर रोक

Kavita2
2 July 2026 5:28 PM IST
NH-66 एलिवेटेड रोड: सिंकहोल से हंगामा, मरम्मत पर रोक
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Kerala केरल: नेशनल हाईवे-66 के एलिवेटेड रोड पर 11वें माइल के पास बने एक गहरे गड्ढे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह गड्ढा मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे फ्लाईओवर के बीचों-बीच अचानक बन गया, जिसे सिंकहोल बताया जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थिति को संभालने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन स्थानीय विरोध और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण काम कई बार बाधित होता रहा।

जानकारी के अनुसार, फ्लाईओवर के 11वें मील पर अचानक सड़क का हिस्सा धंस गया और वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया। यह घटना सामने आते ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में यह एक गंभीर तकनीकी खामी मानी गई, जिससे सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए।

इसके बाद अधिकारियों ने गड्ढे को भरने की कोशिश शुरू की और मिट्टी से भरी बाल्टियों के साथ मरम्मत कार्य शुरू किया गया। लेकिन इसी दौरान स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि CPM जिला सचिव आर. नासिर के नेतृत्व में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने मौके पर पहुंचकर इस मरम्मत कार्य का विरोध किया। उनका कहना था कि बिना उचित तकनीकी जांच के गड्ढे को भरा नहीं जाना चाहिए।

विरोध के चलते अधिकारी उस समय काम पूरा नहीं कर सके और उन्हें वापस लौटना पड़ा। स्थिति काफी देर तक तनावपूर्ण बनी रही और अधिकारी बिना मरम्मत किए ही लौट गए। इसके बाद देर रात जब भीड़ कम हुई, तो दोबारा काम शुरू किया गया और सीमेंट तथा पत्थरों से गड्ढे को भरने का प्रयास किया गया।

हालांकि यह काम भी पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रहा। स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर असंतोष बना रहा और कई लोगों ने सवाल उठाए कि इतनी जल्दी और बिना पारदर्शी जांच के मरम्मत क्यों की जा रही है। रात के समय सीमित निगरानी में गड्ढे को अस्थायी रूप से भर दिया गया।

अगली सुबह स्थिति फिर से बदल गई जब कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। KPCC सेक्रेटरी एस. सारथी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टारिंग (डामरीकरण) कार्य का विरोध किया और मौके पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते सड़क मरम्मत का काम फिर से रोक दिया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि पहले इस सिंकहोल की पूरी तकनीकी जांच होनी चाहिए और इसके निर्माण की गुणवत्ता की समीक्षा की जानी चाहिए। उनका आरोप था कि जल्दबाजी में मरम्मत करके वास्तविक समस्या को छिपाने की कोशिश की जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान नेशनल हाईवे के अधिकारी कई घंटों तक मौके पर मौजूद रहे लेकिन राजनीतिक विरोध और भीड़ के कारण वे स्पष्ट निर्णय नहीं ले पाए। स्थिति ऐसी बन गई कि अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचे तो सही, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ सका और वे असमंजस में फंसे रहे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस फ्लाईओवर का निर्माण हाल ही में हुआ है और इतने कम समय में सिंकहोल का बनना निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने कहा कि यह मामला सिर्फ मरम्मत का नहीं बल्कि सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

इस घटना के बाद हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नए बने फ्लाईओवर में इस तरह की समस्या सामने आती है, तो यह डिजाइन या निर्माण प्रक्रिया में बड़ी खामी की ओर संकेत करता है।

प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अधिकारियों ने कहा है कि मामले की तकनीकी जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सिंकहोल बनने का वास्तविक कारण क्या था और भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल सड़क पर मरम्मत कार्य अस्थायी रूप से पूरा कर दिया गया है, लेकिन विवाद और राजनीतिक विरोध के चलते स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और जांच और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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