
तिरुवनंतपुरम: लेखक मेथिल राधाकृष्णन को 2026 के 'एझुथाचन पुरस्कार' के लिए चुना गया है। यह राज्य सरकार का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है। इस पुरस्कार के तहत 5 लाख रुपये की नकद राशि, एक प्रशस्ति पत्र और एक पट्टिका (plaque) दी जाती है।
पिछले साल यह पुरस्कार जीतने वाले कवि के.जी. शंकर पिल्लई (KGS) की अध्यक्षता वाली जूरी ने सर्वसम्मति से मेथिल को चुना। जूरी में लेखक कल्पेट्टा नारायणन, के. सच्चिदानंदन और सारा जोसेफ सदस्य थे, जबकि एम.पी. सुरेंद्रन सदस्य सचिव थे।
जूरी ने कहा कि मेथिल ने अपनी अनूठी सौंदर्य-दृष्टि और तीक्ष्ण बुद्धि के माध्यम से मलयालम साहित्य में एक नई संवेदनशीलता का संचार किया है। उन्होंने विज्ञान, दर्शन और मनोविज्ञान को बहुत ही रचनात्मक ढंग से एक साथ पिरोया है।
जूरी के अनुसार, उत्तर-आधुनिक काल (post-modern period) के मलयालम साहित्य में मेथिल एक प्रमुख हस्ती हैं। उन्होंने उपन्यास, लघु कथाएं, कविताएं और विज्ञान पर निबंध लिखे हैं, और इन सभी रचनाओं में एक मौलिक दर्शन झलकता है। जूरी ने उन्हें वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों का लेखक बताया।





