
बेंगलुरु: चन्नापटना के खिलौनों में टेक्नोलॉजी के ज़रिए बदलाव लाने के लिए एक नई पहल शुरू की जा रही है। इसका मकसद पारंपरिक खिलौना उद्योग को आधुनिक बनाना और कारीगरों के लिए बाज़ार के बेहतर मौके पैदा करना है।
इस पहल के तहत पहली स्टेकहोल्डर मीटिंग (हितधारकों की बैठक) गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, रामनगर में हुई। इस मीटिंग का नाम 'चन्नापटना टॉयज़ 2.0 – परंपरा, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और ग्लोबलाइज़ेशन' रखा गया था।
इस मीटिंग में चन्नापटना टॉय आर्टिसन एसोसिएशन के सदस्य, कारीगर, इंजीनियरिंग फैकल्टी, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट, मैनेजमेंट के जानकार और रिसर्च स्कॉलर शामिल हुए।
इस पहल का मकसद पारंपरिक लकड़ी के खिलौनों में मैकेनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एंबेडेड सिस्टम, रोबोटिक्स, गेमिफ़िकेशन और STEM शिक्षा को शामिल करना है। इससे नई पीढ़ी के ग्राहकों के हिसाब से प्रोडक्ट बनाए जा सकेंगे और साथ ही चन्नापटना के खिलौनों की खास कारीगरी भी बनी रहेगी।





