
अला। अला पंचायत के नौवें वार्ड में पेन्नुक्कारा थायिलपाडी जंक्शन के पास सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चार दिशाओं से सड़कें मिलने वाले इस चौराहे पर लगातार दुर्घटनाएं होने की शिकायत है। मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे एक कार अनियंत्रित होकर उत्तरपल्ली नदी में जा गिरी। हादसे में कार में सवार पिता-पुत्र बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों को समय रहते पानी से बाहर निकाल लिया गया।
घटना कोडु कुलंजी पारेदथ में मनु भवन के पास हुई। जानकारी के अनुसार, मोहन कुमार अपने बेटे के साथ कोडु कुलंजी से चेरियानाडू की ओर जा रहे थे। दोनों कार से यात्रा कर रहे थे। बताया गया कि थायिलपाडी जंक्शन से मुड़कर अला रोड की ओर जाने के बाद कार को पीछे करते समय चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद कार सड़क किनारे से सीधे उत्तरपल्ली नदी में जा गिरी।
कार के नदी में गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की आवाज सुनकर पड़ोसी और स्थानीय लोग तुरंत नदी के किनारे पहुंचे। उस समय कार का आधे से अधिक हिस्सा पानी में डूब चुका था। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू किया और कार में फंसे मोहन कुमार तथा उनके बेटे को बाहर निकाल लिया।
राहत की बात यह रही कि दोनों को गंभीर चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। यदि समय पर मदद नहीं पहुंचती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी, क्योंकि कार का बड़ा हिस्सा नदी के पानी में डूब चुका था।
हादसे के बाद कार को नदी से बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद ली गई। काफी प्रयास के बाद कार को पानी से बाहर निकाला गया। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। घटना ने एक बार फिर इस स्थान पर सड़क सुरक्षा की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पेन्नुक्कारा थायिलपाडी जंक्शन पर चारों दिशाओं से सड़कें आकर मिलती हैं। इस कारण यहां वाहन चालकों को मोड़ लेते समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। खासतौर पर जो लोग इलाके से परिचित नहीं हैं, उनके लिए यह स्थान अधिक जोखिम वाला साबित हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और नदी के बीच पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि सड़क के किनारे और पास की पुलिया पर रेलिंग या मजबूत बैरिकेड नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में यदि किसी वाहन का संतुलन बिगड़ता है तो उसे रोकने के लिए कोई प्रभावी सुरक्षा अवरोध मौजूद नहीं रहता।
उत्तरपल्ली नदी सड़क के समानांतर करीब आठ किलोमीटर तक बहती है। इस लंबे हिस्से में कई स्थान ऐसे बताए जाते हैं जहां सड़क और नदी के बीच पर्याप्त सुरक्षा नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाल के दिनों में छह से अधिक वाहन उत्तरपल्ली नदी में गिर चुके हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद सुरक्षा इंतजामों को लेकर लोगों में नाराजगी है।
निवासियों का कहना है कि दुर्घटनाओं का खतरा केवल स्थानीय वाहन चालकों के लिए ही नहीं, बल्कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी अधिक है। इलाके से परिचित चालक सड़क की स्थिति और नदी की निकटता को समझते हैं, लेकिन नए लोगों के लिए रात या खराब मौसम में यह रास्ता विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने सड़क के किनारे तत्काल रेलिंग और बैरिकेड लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था करना पर्याप्त नहीं होगा। जिस हिस्से में सड़क उत्तरपल्ली नदी के समानांतर चलती है, वहां करीब आठ किलोमीटर तक चरणबद्ध तरीके से मजबूत सुरक्षा अवरोध लगाए जाने चाहिए।
लोगों का मानना है कि यदि सड़क के किनारे पर्याप्त रेलिंग लगी होती तो मंगलवार सुबह हुई दुर्घटना में कार नदी तक नहीं पहुंचती। इससे हादसे की गंभीरता कम हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से घटनास्थल का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करने की मांग की है।
चौराहे पर यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत भी बताई जा रही है। चारों ओर से आने वाली सड़कों के कारण वाहन चालकों को दिशा बदलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में पर्याप्त संकेतक, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और सड़क किनारे सुरक्षा अवरोध लगाए जाने से दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हादसे के बाद केवल कार को नदी से निकालना समाधान नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए। खासकर नदी के किनारे सड़क वाले हिस्से में मजबूत रेलिंग लगाने को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
मंगलवार की घटना में मोहन कुमार और उनके बेटे की जान बच जाने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन हाल के महीनों में छह से अधिक वाहनों के नदी में गिरने की बात सामने आने के बाद यह स्थान दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में चिंता पैदा कर रहा है।
अब स्थानीय लोगों की नजर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। यदि जल्द ही सड़क और पुलिया के किनारे सुरक्षा रेलिंग, बैरिकेड, चेतावनी संकेत तथा अन्य आवश्यक इंतजाम किए जाते हैं तो भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उत्तरपल्ली नदी के किनारे करीब आठ किलोमीटर लंबे सड़क हिस्से को सुरक्षित बनाने की मांग अब जोर पकड़ रही है।
फिलहाल पिता-पुत्र के सुरक्षित बचने से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने अला पंचायत के नौवें वार्ड में सड़क सुरक्षा की कमियों को फिर उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगली दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए, ताकि नदी के किनारे स्थित इस संवेदनशील मार्ग पर वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





