केरल

गर्भवती महिला की मौत के बाद चल रही थी नवजात की धड़कन, डॉक्टरों की सूझबूझ से बची जान

Nilmani Pal
13 Nov 2021 12:11 PM GMT
गर्भवती महिला की मौत के बाद चल रही थी नवजात की धड़कन, डॉक्टरों की सूझबूझ से बची जान
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बेंगलुरु। कर्नाटक के गाडग जिले में डॉक्टर्स और अस्पताल स्टाफ ने गर्भ में पल रही एक नन्ही बच्ची को जीवन दान दिया है. यहां जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने गर्भवती मां की मौत होने के बाद उसके गर्भ से बेटी को सुरक्षित निकाल लिया. जिले के रोना तालुक के मुशिगेरी गांव की रहने वाली गर्भवती अन्नपूर्णा को घर में अचानक मिर्गी के दो दौरे आए, जिसके बाद परिजन घबरा गए. महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही महिला का ब्लड प्रेशर गिरने लगा और उसकी मौत हो गई.

हालांकि अस्पताल पहुंचने पर जब डॉक्टरों की टीम ने जांच की, तो पाया कि गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कन चल रही है. इसके बाद जिला अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम, जिसमें डॉ विनोद, डॉ जयाराज, डॉ कीर्थन और डॉ स्मृति शामिल थे… ने फौरन तत्परता दिखाते हुए परिवार से अनुमति लेकर अगले 15 मिनट में ऑपरेशन के जरिये बच्ची को जीवित बाहर निकाल लिया.

इस बारे में डॉ बासनगौड़ा कारगीगौड़ा अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारी ने कहा कि, "यह बहुत ही दुर्लभ उपलब्धि है. डॉक्टर्स की टीम ने तेजी से काम किया. जब उन्हें यह पता लगा कि गर्भ में पल रहे बच्चे की दिल की धड़कन चल रही है, तो उन्होंने मृत महिला के गर्भ में से ऑपरेशन के जरिए बच्चे को बाहर निकालने का जोखिम भरा फैसला लिया. परिजनों ने डॉक्टर्स की बात को समझने के बाद इसकी अनुमति दी."

इस घटना को लेकर मृत महिला अन्नपूर्णा के पति दुखी भी थे और राहत भी महसूस कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि ऐसे हालात का सामना किसी और को नहीं करना पड़े. रोते हुए उन्होंने कहा कि 1 साल पहले ही हमारी शादी हुई थी और हमने जिंदगी के इस नए सफर की अभी ही शुरुआत की थी. अब वह मुझे ऐसे छोड़कर चली गई. मुझे उम्मीद है कि हमारी बेटी की जिंदगी बहुत बेहतर होगी.



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