केरल
Kerala की राजनीति में नया बवाल, राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस और वामदलों को घेरा
Ratna Netam
25 Oct 2026 2:30 PM IST

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तिरुवनंतपुरम। केरल में सांप्रदायिक सद्भाव और धार्मिक भावनाओं को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दोनों राजनीतिक दलों पर सांप्रदायिक सद्भाव के मामले में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। चंद्रशेखर ने कहा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान सभी समुदायों के लिए समान रूप से होना चाहिए और इस मुद्दे पर किसी भी तरह की चयनात्मक राजनीति उचित नहीं है।
केरल के स्थापना दिवस से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
केरल के गठन की 70वीं वर्षगांठ 1 नवंबर को मनाई जाएगी। इससे पहले राज्य में धार्मिक सद्भाव और राजनीतिक गठबंधनों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ और वामपंथी दल एक तरफ सांप्रदायिक सद्भाव की बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और जमात-ए-इस्लामी जैसे धार्मिक संगठनों के साथ राजनीतिक संबंधों को बढ़ावा देते हैं।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राजनीतिक दल वास्तव में सभी धर्मों और समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखने के पक्षधर हैं, तो उन्हें धार्मिक भावनाओं के सम्मान के मामले में एक समान दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
फोर्ट कोच्चि के कैफे विवाद से जुड़ा मामला
दरअसल, यह विवाद फोर्ट कोच्चि स्थित 'काशी' नाम के एक कैफे से जुड़ा हुआ है। एक विवादित यूट्यूबर द्वारा कैफे को लेकर वीडियो जारी किए जाने के बाद धार्मिक भावनाओं और सांप्रदायिक सद्भाव पर चर्चा शुरू हो गई।इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने सांप्रदायिक उकसावे से बचने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया था।राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की चिंता का सम्मान करते हैं, लेकिन धार्मिक भावनाओं का सम्मान एकतरफा नहीं होना चाहिए।
रेस्तरां के नाम और भोजन को लेकर उठाए सवाल
तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि फोर्ट कोच्चि के जिस रेस्तरां को लेकर विवाद सामने आया है, उसका नाम 'काशी' है। काशी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पवित्र तीर्थस्थल है।उन्होंने कहा कि संबंधित रेस्तरां में बीफ परोसा जाता है और वहां मुहम्मद अली जिन्ना से जुड़ा चित्रण भी मौजूद है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि रेस्तरां में भोजन परोसना संचालकों का अधिकार है।चंद्रशेखर ने कहा कि उनका सवाल किसी व्यक्ति के खानपान के अधिकार को लेकर नहीं, बल्कि धार्मिक आस्थाओं और भावनाओं के प्रति समान सम्मान को लेकर है।उन्होंने कहा कि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी धर्मों की मान्यताओं को संवेदनशीलता के साथ समझना जरूरी है।
कांग्रेस और वामदलों की राजनीति पर निशाना
राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और CPI(M) धार्मिक सद्भाव के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक सुविधाओं के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करना है, तो सभी समुदायों की धार्मिक मान्यताओं के प्रति समान संवेदनशीलता दिखानी होगी।उन्होंने धार्मिक संगठनों के साथ राजनीतिक संबंधों को लेकर भी विपक्षी दलों से सवाल किए। हालांकि, ये बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें संबंधित दलों की स्थापित नीति या मंशा का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
सांप्रदायिक सद्भाव पर राजनीतिक बहस तेज
केरल में विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच सामाजिक सद्भाव लंबे समय से राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में फोर्ट कोच्चि के कैफे से जुड़ा विवाद अब व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया हैराजीव चंद्रशेखर के बयान ने धार्मिक स्वतंत्रता, खानपान के अधिकार और सभी समुदायों की भावनाओं के सम्मान जैसे मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।फिलहाल इस मामले में कांग्रेस और CPI(M) की प्रतिक्रिया उपलब्ध कराई गई जानकारी में शामिल नहीं है। ऐसे में राजनीतिक आरोपों पर दोनों दलों का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।
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