केरल

मंझल्लूर में नीरंपुझा वॉटरशेड प्रोजेक्ट को मंजूरी, 20 लाख से होंगे विकास कार्य

Kavita2
17 Aug 2026 3:47 PM IST
मंझल्लूर में नीरंपुझा वॉटरशेड प्रोजेक्ट को मंजूरी, 20 लाख से होंगे विकास कार्य
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केरल। मंझल्लूर ग्राम पंचायत क्षेत्र में जल संरक्षण और कृषि विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नीरंपुझा वॉटरशेड प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। विधायक मैथ्यू कुझलनाडन ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विभाग के अंतर्गत आने वाले मृदा संरक्षण विभाग ने इस परियोजना के लिए 20 लाख रुपये की राशि मंजूर की है।

विधायक ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में मिट्टी के कटाव को रोकने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और खेती के लिए बेहतर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। नीरंपुझा जलाशय परियोजना कुल 902.09 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है, जिसमें पहले चरण में 10 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।

यह परियोजना एनाइकारा धारा के कप्यारुमलाई हिस्से में लागू की जाएगी। इसके तहत धारा के दोनों किनारों पर सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाएगा, जिससे बारिश के दौरान मिट्टी के बहाव और कटाव को रोका जा सकेगा।

परियोजना के तहत एक फुटब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा।

विधायक मैथ्यू कुझलनाडन ने बताया कि वॉटरशेड प्रबंधन परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण से न केवल कृषि क्षेत्र को फायदा मिलेगा, बल्कि लोगों को पीने के पानी की उपलब्धता में भी सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई स्थानों पर मिट्टी के कटाव की समस्या देखने को मिलती है। बारिश के समय पानी के तेज बहाव से जमीन का नुकसान होता है और कृषि भूमि प्रभावित होती है। इस परियोजना के माध्यम से इन समस्याओं को कम करने का प्रयास किया जाएगा।

मृदा संरक्षण विभाग की ओर से स्वीकृत इस योजना के तहत किए जाने वाले निर्माण कार्यों से स्थानीय किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। जल संरक्षण बेहतर होने से खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा और कृषि उत्पादन में सुधार आ सकता है।

विधायक ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद नीरंपुझा धारा में पानी का प्रवाह सुचारू रूप से हो सकेगा। इससे आसपास के क्षेत्रों में जल प्रबंधन बेहतर होगा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी होगा।

स्थानीय लोगों ने इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि जल स्रोतों का संरक्षण होने से लंबे समय में खेती और आम लोगों दोनों को फायदा मिलेगा।

वॉटरशेड परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इनके माध्यम से बारिश के पानी को संरक्षित किया जाता है, जिससे भूजल स्तर में सुधार होता है और कृषि क्षेत्र को स्थायी लाभ मिलता है।

नीरंपुझा परियोजना भी इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। अधिकारियों का मानना है कि जल संरक्षण के साथ-साथ इससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

विधायक ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी जल संरक्षण और कृषि से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पहले चरण के कामों की मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। नीरंपुझा वॉटरशेड प्रोजेक्ट भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

परियोजना के पूरा होने के बाद आसपास के किसानों को सिंचाई सुविधा में सुधार मिलने की उम्मीद है। साथ ही, बारिश के पानी का बेहतर उपयोग हो सकेगा और जल संकट की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

फिलहाल परियोजना के पहले चरण के लिए स्वीकृति मिल चुकी है और आगे के कार्यों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग मिलकर योजना को सफल बनाने की दिशा में काम करेंगे।

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