केरल

बाढ़ राहत वाली SUV पर MVD की कार्रवाई

Kavita2
3 Sept 2026 12:03 PM IST
बाढ़ राहत वाली SUV पर MVD की कार्रवाई
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केरल। केरल हाई कोर्ट के निर्देश के बाद मोटर वाहन विभाग (MVD) ने एक मॉडिफाइड SUV पर बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि बिना मंजूरी वाली लाइटों और अन्य बदलावों के साथ चल रही इस गाड़ी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह SUV पिछले महीने अरनमुला में बाढ़ राहत कार्यों में इस्तेमाल की गई थी।

मामला उस समय सामने आया जब मोटर वाहन विभाग के दो अधिकारियों को इस गाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद निलंबित कर दिया गया था। अधिकारियों ने वाहन की जांच के दौरान पाया था कि उसमें कई गैर-कानूनी बदलाव किए गए थे और उसका पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी उपलब्ध नहीं था। इसके बाद इस कार्रवाई को लेकर विवाद शुरू हो गया था।

जानकारी के अनुसार, यह निजी SUV बाढ़ राहत कार्य से लौट रही थी। इसी दौरान अडूर में MVD अधिकारियों ने वाहन को रोका और जांच की। जांच में वाहन में नियमों के विपरीत बदलाव पाए गए। इसमें बिना अनुमति वाली अतिरिक्त लाइटें और अन्य मॉडिफिकेशन शामिल थे। इसके अलावा वाहन के प्रदूषण प्रमाणपत्र को लेकर भी कमी पाई गई।

MVD अधिकारियों ने नियमों के तहत वाहन का चालान काटा था। हालांकि, बाद में इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले लिया। अधिकारियों के निलंबन के बाद मामला केरल हाई कोर्ट तक पहुंचा। अदालत ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए वाहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

हाई कोर्ट के निर्देश के बाद मोटर वाहन विभाग ने दोबारा मामले की समीक्षा की और SUV पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अधिकारियों के अनुसार, वाहन में किए गए बदलाव मोटर वाहन नियमों के अनुरूप नहीं थे, इसलिए कार्रवाई की गई।

वाहनों में मॉडिफिकेशन को लेकर मोटर वाहन नियमों में स्पष्ट प्रावधान हैं। किसी भी वाहन में ऐसा बदलाव नहीं किया जा सकता जिससे उसकी सुरक्षा, संचालन या मूल डिजाइन प्रभावित हो। विशेष रूप से अतिरिक्त लाइट, सायरन, बॉडी में बदलाव या अन्य संरचनात्मक परिवर्तन के लिए अनुमति आवश्यक होती है।

इस मामले में भी MVD का कहना है कि कार्रवाई राहत कार्यों में इस्तेमाल किए जाने के आधार पर नहीं बल्कि वाहन में पाए गए नियमों के उल्लंघन के कारण की गई। विभाग का तर्क है कि आपदा राहत जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों को भी सुरक्षा और कानूनी मानकों का पालन करना होता है।

वहीं, इस मामले में अधिकारियों के निलंबन को लेकर भी सवाल उठे थे। MVD अधिकारियों ने जब वाहन के खिलाफ कार्रवाई की थी, तब यह तर्क दिया गया था कि गाड़ी राहत कार्य से जुड़ी हुई थी। हालांकि हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब वाहन पर जुर्माना लगाया गया है।

अरनमुला में पिछले महीने बाढ़ राहत कार्यों के दौरान इस SUV का इस्तेमाल किया गया था। राहत अभियान में शामिल होने के कारण यह वाहन लोगों की नजर में आया था। बाद में जांच के दौरान इसमें नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर मामला चर्चा में आ गया।

हाई कोर्ट के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि आपदा राहत या अन्य सामाजिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को भी यातायात नियमों का पालन करना होगा। राहत कार्यों का उद्देश्य महत्वपूर्ण है, लेकिन वाहन सुरक्षा और कानूनी मानकों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

MVD अधिकारियों के अनुसार, वाहन मालिक को जुर्माने की राशि जमा करनी होगी। इसके साथ ही वाहन में किए गए अवैध बदलावों को हटाने या उन्हें नियमों के अनुसार करने की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है।

वाहन मॉडिफिकेशन को लेकर देशभर में समय-समय पर कार्रवाई होती रही है। कई लोग अपने वाहनों में आकर्षक दिखाने या विशेष उपयोग के लिए बदलाव कराते हैं, लेकिन इनमें से कई बदलाव नियमों के खिलाफ होते हैं। ऐसे मामलों में मोटर वाहन विभाग चालान और अन्य कार्रवाई करता है।

इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि निजी वाहनों का इस्तेमाल सार्वजनिक या राहत कार्यों में करते समय नियमों का कितना पालन किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अभियान में शामिल वाहन की फिटनेस और वैध दस्तावेजों की जांच जरूरी है।

केरल हाई कोर्ट के निर्देश के बाद हुई इस कार्रवाई को वाहन नियमों के पालन से जोड़कर देखा जा रहा है। MVD ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे उसका इस्तेमाल किसी भी उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो।

फिलहाल मॉडिफाइड SUV पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। वहीं, इस मामले में निलंबित किए गए अधिकारियों और वाहन कार्रवाई को लेकर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया भी जारी रह सकती है।

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