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कोच्चि: विपक्षी नेता पिनाराई विजयन को राहत देते हुए, केरल उच्च न्यायालय ने मासिक भुगतान मामले में सतर्कता जांच पर रोक लगा दी है। खंडपीठ ने पिनाराई विजयन के खिलाफ रिश्वत का मामला और पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास के खिलाफ हवाला मामला दर्ज करने का निर्देश देने वाले एकल पीठ के आदेश के आधार पर आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।
खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले को चुनौती देने वाली पिनाराई विजयन द्वारा दायर अपील को स्वीकार कर लिया। यह आदेश जस्टिस टी. नटराजन और जॉनसन जॉन की पीठ ने जारी किया। यह रोक सीएमआरएल-एक्सलॉजिक मामले में पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा और दामाद और विधायक मोहम्मद रियास के खिलाफ सतर्कता जांच को कवर करती है। इससे पहले, एक अन्य खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ अपील करने की अनुमति मांगने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद, पिनाराई विजयन और अन्य ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की खंडपीठ को अपीलों पर विस्तार से सुनवाई करने का निर्देश दिया, जिसके बाद मामला विचार के लिए आया।
पिनाराई विजयन के वकील हरिहरन ने तर्क दिया कि एकल पीठ ने पिनाराई विजयन सहित उन लोगों की दलीलें सुने बिना अपना आदेश पारित किया था, जिनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। अपील की सुनवाई 25 नवंबर से शुरू होगी। अदालत ने ईडी और सतर्कता ब्यूरो को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। खंडपीठ के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए, पिनाराई विजयन ने कहा कि उन्हें कानूनी प्रणाली पर भरोसा है और कानून अपना काम करेगा।
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