
तिरुवनंतपुरम: तालुक अस्पताल के निर्माण कार्य की धीमी गति और डिजाइन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जताई है। इसके बाद मंत्री के. मुरलीधरन ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को तलब कर जवाब मांगा है। मंत्री ने अस्पताल निर्माण की समीक्षा करते हुए कई खामियों पर सवाल उठाए और अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
कुछ दिन पहले मंत्री के. मुरलीधरन ने निर्माणाधीन तालुक अस्पताल का दौरा किया था। इस दौरान अस्पताल की भव्य इमारत और उसके ढांचे को देखकर उन्होंने आश्चर्य जताया। मंत्री ने अधिकारियों से सवाल किया कि यह अस्पताल है या होटल। उनका कहना था कि अस्पताल का निर्माण मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखकर होना चाहिए, न कि केवल आकर्षक इमारत बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
कल्लाडा नदी के किनारे करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से इस तालुक अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हालांकि, निर्माण की गति और कुछ सुविधाओं की कमी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
मंत्री के निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि अस्पताल का ढांचा काफी आधुनिक और आकर्षक बनाया गया है, लेकिन जरूरी चिकित्सा सुविधाओं को लेकर कुछ कमियां हैं। बताया गया कि अस्पताल में चार ऑपरेशन थिएटर बनाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाओं का प्रावधान नहीं किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि किसी भी बड़े अस्पताल में केवल भवन और ऑपरेशन थिएटर पर्याप्त नहीं होते। मरीजों के इलाज के लिए आधुनिक जांच सुविधाएं भी जरूरी होती हैं। इसी को देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों से अस्पताल की योजना की दोबारा समीक्षा करने को कहा है।
मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल को पूरी तरह सेंट्रलाइज्ड एसी बनाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि संसाधनों का इस्तेमाल मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने में किया जाना चाहिए और अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग का ध्यान अब अस्पताल को व्यावहारिक और मरीजों के अनुकूल बनाने पर है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और जरूरी सुविधाओं को शामिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
स्थानीय लोगों को इस अस्पताल से बड़ी उम्मीदें हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लंबे समय से उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों और अन्य अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। यदि यह अस्पताल पूरी सुविधाओं के साथ शुरू होता है तो आसपास के कई इलाकों के मरीजों को लाभ मिलेगा।
हालांकि, निर्माण कार्य में देरी को लेकर स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। मंत्री ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को तिरुवनंतपुरम बुलाकर स्थिति की जानकारी मांगी है। बैठक में निर्माण की प्रगति, सुविधाओं की योजना और समय सीमा पर चर्चा होने की संभावना है।
अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गई है कि वे अस्पताल की डिजाइन और सुविधाओं में जरूरी बदलाव करें, ताकि यह केवल एक आकर्षक इमारत न रह जाए, बल्कि एक पूरी तरह कार्यशील स्वास्थ्य केंद्र के रूप में लोगों की सेवा कर सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सरकार चाहती है कि नए अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों। ऐसे में तालुक अस्पताल परियोजना में सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य आवश्यक सेवाओं को शामिल करने पर विचार किया जा सकता है।
फिलहाल मंत्री की नाराजगी के बाद अस्पताल निर्माण से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि निर्माण कार्य में कितनी तेजी आती है और अस्पताल को मरीजों के लिए पूरी तरह तैयार करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।





