
तिरुवनंतपुरम : केरल के लोक निर्माण मंत्री पी. बशीर ने हालिया त्रासदी को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए कहा है कि इस घटना का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने परियोजना से जुड़े आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग (PWD) को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि परियोजना से जुड़ी अधिकांश जिम्मेदारियां अन्य एजेंसियों के पास थीं।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि परियोजना का अनुमान तैयार करने से लेकर कार्य व्यवस्था तक की प्रक्रिया PWD के अधीन नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) ने कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन को विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के रूप में नियुक्त किया था और परियोजना से जुड़े कार्यों का संचालन कोंकण रेलवे द्वारा किया गया।
PWD को जिम्मेदार ठहराना गलत: मंत्री
मंत्री पी. बशीर ने कहा कि इस मामले में तथ्यों को समझे बिना किसी विभाग पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले और कार्य कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन के स्तर पर किए गए थे।
उन्होंने कहा, "हमने परियोजना के लिए अनुमान तैयार नहीं किया। KIIFB ने कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन को विशेष प्रयोजन वाहन के रूप में नियुक्त किया। कार्य व्यवस्था कोंकण रेलवे द्वारा की गई थी। सब कुछ कोंकण रेलवे द्वारा किया गया था। इसके लिए PWD को दोष न दें।"
मंत्री ने कहा कि किसी भी घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने के लिए पूरी जांच जरूरी होती है और बिना जांच के किसी विभाग या व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
परियोजना की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों और एजेंसियों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। विपक्ष और कई संगठनों ने परियोजना की निगरानी, तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाए।
इन आरोपों के बीच मंत्री ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार हर पहलू की जांच के लिए तैयार है, लेकिन बिना तथ्यों के आरोप लगाना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी को बचाना नहीं, बल्कि वास्तविक कारणों का पता लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाना है।
KIIFB और कोंकण रेलवे की भूमिका
मंत्री के अनुसार, परियोजना के लिए KIIFB ने कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन को SPV के रूप में नियुक्त किया था। इसके बाद परियोजना की कार्य व्यवस्था और तकनीकी प्रक्रियाएं कोंकण रेलवे की ओर से पूरी की गईं।
विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) किसी विशेष परियोजना को पूरा करने के लिए बनाई गई एक अलग इकाई होती है, जिसे संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी दी जाती है।
मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के तहत PWD की भूमिका सीमित थी और इसलिए विभाग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बचने की अपील
पी. बशीर ने सभी पक्षों से अपील की कि ऐसी संवेदनशील घटनाओं को राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि हादसों में सबसे महत्वपूर्ण बात प्रभावित लोगों की मदद और भविष्य में सुरक्षा उपायों को मजबूत करना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसी भी लापरवाही की स्थिति में उचित कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
मंत्री ने कहा कि किसी भी परियोजना में कई विभाग और एजेंसियां शामिल होती हैं। ऐसे में पूरी प्रक्रिया की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जिम्मेदारी किसकी है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी पहलुओं, निर्माण प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों की समीक्षा जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
केरल में मानसून के दौरान कई इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है। भारी बारिश, भूस्खलन और जलभराव जैसी घटनाओं को देखते हुए सरकार लगातार सुरक्षा उपायों पर काम कर रही है।
मंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी बेहद जरूरी है। किसी भी परियोजना में गुणवत्ता और निगरानी से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
सरकार का रुख स्पष्ट
पी. बशीर के बयान के बाद सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी।
मंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि इस त्रासदी को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय समाधान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाए जाएंगे।





