केरल

MGNREGS संविदाकर्मी नहीं होंगे पक्के: नई भर्ती करेगी सरकार

Tara Tandi
1 Oct 2026 10:36 AM IST
MGNREGS संविदाकर्मी नहीं होंगे पक्के: नई भर्ती करेगी सरकार
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तिरुवनंतपुरम: सरकार के अनुसार, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के तहत काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर नहीं किया जाएगा, बल्कि नई भर्ती की जाएगी। जो मौजूदा कर्मचारी योग्यता की शर्तें पूरी करते हैं, उन्हें भी नई भर्ती प्रक्रिया में मौका दिया जाएगा।
इस फैसले का मतलब है कि ग्राम पंचायतों, ब्लॉक पंचायतों और ज़िला पंचायतों में 10 साल से ज़्यादा समय से काम कर रहे लगभग 5,000 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर नहीं किया जाएगा। सरकार का यह रुख ऐसे समय में आया है जब रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर नई शर्तों के साथ 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन-ग्रामीण' (VB-G RAM-G) कर दिया गया है। स्थानीय स्व-शासन विभाग की सचिव अनुपमा टी.वी. द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों की ज़रूरत का फिर से आकलन किया जाएगा।
कर्मचारियों ने पिछली तारीख से रेगुलर करने और पेंशन समेत अन्य लाभ देने की मांग की थी। उन्होंने अपनी मांग के समर्थन में AHADS और DRDA में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर किए जाने का हवाला दिया था। स्थानीय स्व-शासन विभाग और सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मंज़ूर किए गए पदों के बिना स्थायी नियुक्तियां नहीं की जा सकतीं। वित्त विभाग ने पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया था।
कर्मचारियों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था। 12 फरवरी, 2026 को हाई कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उनकी मांगों को व्यक्तिगत रूप से सुनें और चार महीने के भीतर फैसला लें। स्थानीय स्व-शासन विभाग के उप-सचिव ने 1 अगस्त को सुनवाई की, जिसके बाद सरकार ने अपना फैसला सुनाते हुए आदेश जारी किया।
रोजगार गारंटी योजना के तहत कोई स्थायी पद नहीं बनाया गया है। सरकार के अनुसार, कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त कर्मचारियों को रेगुलर करने का कोई कानूनी प्रावधान भी नहीं है।
नई 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार और आजीविका मिशन-ग्रामीण' (VB-G RAM-G) योजना के तहत, केंद्र और राज्य सरकारें खर्च को 60:40 के अनुपात में बांटेंगी। खर्च का बड़ा हिस्सा राज्य को उठाना होगा। इसलिए, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित करने से राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
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