
कोच्चि। आबकारी विभाग ने दिल्ली से केरल तक कथित तौर पर MDMA की तस्करी करने वाले एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क में महिलाओं को कैरियर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दो अलग-अलग कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल करीब 279.3 ग्राम MDMA बरामद होने की जानकारी दी गई है।
संयुक्त आबकारी आयुक्त एस. विनोद कुमार के अनुसार, मामले की शुरुआत कुछ दिन पहले मिली एक गुप्त सूचना से हुई। सूचना के आधार पर आबकारी विभाग की एर्नाकुलम रेंज की टीम ने शहर के कल्लूर इलाके में स्थित एक लग्जरी होटल में छापा मारा। यहां से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक 18 वर्षीय महिला भी शामिल थी।
अधिकारियों के मुताबिक, होटल से गिरफ्तार दोनों आरोपियों के पास से 49.3 ग्राम MDMA बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसी पूछताछ के आधार पर आबकारी विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू की।
संयुक्त आबकारी आयुक्त ने बताया कि पूछताछ में वरुण देव नाम के एक व्यक्ति के बारे में जानकारी सामने आई। अधिकारियों का दावा है कि वह केरल में MDMA की कथित आपूर्ति करने वाला थोक डीलर है। जांचकर्ताओं को यह भी जानकारी मिली कि संबंधित लोग शनिवार को एर्नाकुलम जिले में आने वाले हैं और उनके बीच ड्रग्स की कथित डील हो सकती है।
इस सूचना के बाद आबकारी विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। अधिकारियों के मुताबिक, संभावित सौदे को ध्यान में रखते हुए तलाशी अभियान चलाया गया। इसी कार्रवाई के दौरान कथित रैकेट से जुड़े अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया और बड़ी मात्रा में MDMA बरामद की गई।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों ऑपरेशनों में बरामद MDMA की कुल मात्रा करीब 279.3 ग्राम है। इसे ड्रग्स तस्करी के खिलाफ विभाग की महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का संचालन किस स्तर पर किया जा रहा था और दिल्ली से केरल तक नशीले पदार्थों की आपूर्ति के लिए किन-किन लोगों का इस्तेमाल किया जाता था।
जांच में महिलाओं को कथित तौर पर कैरियर के रूप में इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। अधिकारियों को संदेह है कि तस्कर पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए महिलाओं के जरिए नशीले पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते थे। हालांकि, इस नेटवर्क में महिलाओं की वास्तविक भूमिका और उन्हें किस तरह इस गतिविधि में शामिल किया गया, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
एर्नाकुलम में की गई पहली कार्रवाई में 18 वर्षीय महिला की गिरफ्तारी ने भी मामले को गंभीर बना दिया है। अधिकारियों के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि वह इस नेटवर्क में किस भूमिका में थी और क्या वह स्वयं इस गतिविधि में शामिल थी या किसी अन्य व्यक्ति के निर्देश पर काम कर रही थी।
पूछताछ के दौरान सामने आए कथित थोक डीलर का नाम जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि अधिकारियों द्वारा किए गए दावों की पुष्टि होती है, तो इससे दिल्ली और केरल के बीच चल रहे संभावित ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
जांच एजेंसी अब बरामद MDMA के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नशीले पदार्थ केरल में किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और यहां से इसे आगे किन क्षेत्रों में वितरित किया जाता था। अधिकारियों को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और आपूर्ति श्रृंखला की जानकारी हासिल की जा सकेगी।
ड्रग्स तस्करी के मामलों में केवल स्थानीय स्तर के डीलरों की भूमिका नहीं होती, बल्कि इसके पीछे दूसरे राज्यों से जुड़े नेटवर्क भी हो सकते हैं। ऐसे में दिल्ली से केरल तक कथित तस्करी के इस मामले की जांच का दायरा आगे बढ़ सकता है। जांच एजेंसियां संभावित संपर्कों, पैसों के लेनदेन और ड्रग्स की आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर सकती हैं।
आबकारी विभाग की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केरल में सिंथेटिक ड्रग्स, खासकर MDMA की तस्करी और इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। MDMA एक सिंथेटिक साइकोएक्टिव ड्रग है और इसकी अवैध खरीद-बिक्री तथा कब्जा कानून के तहत अपराध है।
अधिकारियों ने बताया कि पहली गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि पूछताछ और खुफिया जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। अब गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क की पूरी संरचना का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल आबकारी विभाग बरामद नशीले पदार्थ और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रहा है।
कुल मिलाकर, करीब 279.3 ग्राम MDMA की बरामदगी और चार गिरफ्तारियों ने दिल्ली से केरल तक कथित ड्रग्स नेटवर्क की गंभीरता को सामने ला दिया है। अब जांच का मुख्य फोकस इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड, आपूर्ति के स्रोत, वित्तीय लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान पर रहेगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ से इस कथित रैकेट की पूरी कड़ी सामने आ सकती है।





