
इडुक्की/केरल: दोस्त पर नेल बार से हमला कर हत्या की कोशिश करने के मामले में थोडुपुझा की तीसरी अतिरिक्त जिला अदालत ने आरोपी को पांच साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामले की सुनवाई करते हुए तीसरी अतिरिक्त जिला अदालत की जज एसएस सीना ने कोडिक्कलम के एयरमपिल्लई निवासी केके बीजू (49), जिसे कट्टाकेट्टी बीजू के नाम से भी जाना जाता है, को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
अदालत का फैसला 14 सितंबर 2021 को हुई उस घटना से जुड़े मामले में आया, जिसमें आरोपी ने अपने दोस्त पर कथित रूप से लोहे के नेल बार से हमला कर उसकी हत्या की कोशिश की थी। हमले में पीड़ित को गंभीर चोटें आई थीं और उसकी जान खतरे में पड़ गई थी।
चेक डैम के पास हुआ था हमला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 14 सितंबर 2021 को दोपहर करीब 3 बजे कोडिक्कुलम वेल्लर रोड स्थित चेक डैम के पास हुई थी। मामले में बताया गया कि पूथोप्पिलिल निवासी सिजू (48) पर आरोपी बीजू ने अचानक हमला कर दिया।
आरोप था कि बीजू ने सिजू पर नेल बार से वार किए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। हमले के कारण उनकी खोपड़ी टूट गई और उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए ले जाना पड़ा।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। आसपास मौजूद लोगों ने घायल सिजू को बचाने की कोशिश की और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
बीच-बचाव करने वाला व्यक्ति भी हुआ घायल
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जब हमले को रोकने की कोशिश की गई तो कोल्लापरम निवासी जगदीश भी घायल हो गए थे। उन्हें भी गंभीर चोटें आई थीं।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े सबूत जुटाए और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। जांच के बाद मामला अदालत में पहुंचा, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए सबूत
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एडवोकेट जॉनी एलेक्स मंजाकुन्नेल ने पैरवी की। अभियोजन ने अदालत के सामने घटना से जुड़े सबूत और गवाहों के बयान पेश किए।
अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी का हमला गंभीर प्रकृति का था और इसका उद्देश्य पीड़ित को जान से मारने की कोशिश करना था। हमले में लगी चोटों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी माना और सजा सुनाई।
अदालत ने सुनाई पांच साल की सजा
अदालत ने केके बीजू को पांच साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत की भावना जताई। वहीं, यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना रहा, क्योंकि आरोपी और पीड़ित एक-दूसरे को जानते थे।
आपराधिक मामलों में सख्त कार्रवाई का संदेश
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अदालतें हमले की गंभीरता, पीड़ित को हुई चोट और आरोपी के इरादे को ध्यान में रखकर फैसला करती हैं। जानलेवा हमले जैसे मामलों में सजा का उद्देश्य पीड़ित को न्याय दिलाने के साथ-साथ समाज में अपराधों के प्रति सख्त संदेश देना भी होता है।
यह मामला भी इस बात को दर्शाता है कि आपसी विवाद या व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण हिंसा का रास्ता अपनाने वालों के खिलाफ कानून सख्त कार्रवाई करता है।
फिलहाल अदालत के फैसले के बाद आरोपी को सजा भुगतनी होगी। वहीं, पीड़ित और उनके परिवार को वर्षों पुराने मामले में न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई है।





