केरल

केरल में सिनेगॉग के पास आगजनी का बड़ा खुलासा

Ratna Netam
14 Oct 2026 2:54 PM IST
केरल में सिनेगॉग के पास आगजनी का बड़ा खुलासा
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कोच्चि। केरल के कोच्चि में ऐतिहासिक कडावुभागम सिनेगॉग के पास हुई आगजनी की घटना में नया खुलासा हुआ है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर पैसे लेकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपी एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में था, जो उसे निर्देश देता था और कथित तौर पर इसके बदले भुगतान करता था। इस जानकारी के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे किसी बड़े नेटवर्क या अंतरराष्ट्रीय संपर्क की भूमिका तो नहीं है। हालांकि, किसी अंतरराष्ट्रीय या आतंकी संगठन से संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, घटना 12 अक्टूबर को कोच्चि के एर्नाकुलम मार्केट इलाके में स्थित कडावुभागम सिनेगॉग के पास हुई थी। यहां ब्लॉसम नर्सरी में आग लगाई गई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए 32 वर्षीय एबिन पॉल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुथेनक्रूज इलाके का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर पेट्रोल डालकर आग लगाई थी और घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया था। जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची।
बुधवार, 14 अक्टूबर को मीडिया से बातचीत में कोच्चि सिटी के डीसीपी अरुण के. पवित्रन ने मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति के साथ उसके संपर्क में होने के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जानकारी में दोनों के बीच पैसों के लेनदेन की बात भी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी को निर्देश देने वाला व्यक्ति कौन है और उसका इस वारदात से क्या संबंध है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी जिस व्यक्ति के संपर्क में था, उसे कथित तौर पर 'बॉस' कहकर संबोधित करता था। पुलिस को संदेह है कि इसी व्यक्ति के निर्देशों पर आरोपी विभिन्न स्थानों पर आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देता था। इसके बाद घटनाओं के वीडियो रिकॉर्ड करके भेजने और बदले में पैसे मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, इन तथ्यों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
डीसीपी अरुण के. पवित्रन ने बताया कि आरोपी के घर की तलाशी भी ली गई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिन्हें विस्तृत फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस इन उपकरणों में मौजूद संदेशों, संपर्कों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इससे आरोपी के कथित सहयोगियों और संभावित आर्थिक लेनदेन के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पुलिस इस मामले में संभावित विदेशी संपर्कों की भी जांच कर रही है। शुरुआती जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से कुछ संदिग्ध बातचीत और डिजिटल संचार की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भुगतान किए जाने की संभावना भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित भुगतान किसने किया और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। फिलहाल विदेशी कनेक्शन को लेकर जांच जारी है और इसे स्थापित तथ्य नहीं माना गया है।
इस बीच पुलिस आरोपी की अन्य घटनाओं में संभावित संलिप्तता भी खंगाल रही है। जांच अधिकारियों को मुवाट्टुपुझा इलाके में पहले हुई एक आगजनी की घटना और मौजूदा मामले के बीच संभावित संबंध के संकेत मिले हैं। दोनों मामलों से जुड़े साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपी ने पहले भी ऐसी किसी घटना को अंजाम दिया था या नहीं।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की पूछताछ के लिए आरोपी को पुलिस हिरासत में लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जांच अधिकारियों का मुख्य ध्यान फिलहाल आरोपी के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति की पहचान, कथित वित्तीय लेनदेन और आगजनी के वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने पर है।
कोच्चि में सिनेगॉग के पास हुई इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक रिपोर्ट और आगे की पूछताछ से मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि आगजनी की यह घटना किसी व्यक्ति के निर्देश पर की गई आपराधिक कार्रवाई थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी शामिल था।
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