केरल

त्रिशूर में ड्रग तस्करी का बड़ा खुलासा, 308 ग्राम MDMA जब्त, सात गिरफ्तार

Kavita2
28 Jun 2026 4:22 PM IST
त्रिशूर में ड्रग तस्करी का बड़ा खुलासा, 308 ग्राम MDMA जब्त, सात गिरफ्तार
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Kerala केरल: त्रिशूर जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए दो जुड़े मामलों में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 308 ग्राम एमडीएमए (मेथीलीन डाइऑक्सी मेथैम्फेटामाइन) बरामद किया है, जिसे सिंथेटिक ड्रग की श्रेणी में रखा जाता है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक सुनियोजित अभियान के तहत की गई, जो क्षेत्र में बढ़ती नशीली दवाओं की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए चलाया जा रहा था।

यह पूरा मामला शुक्रवार रात शुरू हुआ, जब पीची पुलिस स्टेशन की टीम ने वानियमपारा क्षेत्र में एक नियमित वाहन जांच चौकी के दौरान एक कार को रोका। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को वाहन में सवार लोगों की गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को ड्रग्स से जुड़ी संदिग्ध वस्तुएं मिलीं, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगा और तुरंत आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह मामला केवल एक वाहन या कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और एक-एक कर कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके और सप्लाई चैन का पता लगाया जा सके।

जांच के दौरान पुलिस ने एक महिला के निजी अंगों से छिपाकर रखे गए सिंथेटिक ड्रग का हिस्सा भी बरामद किया, जिसे अधिकारियों ने बेहद गंभीर और चिंताजनक तरीका बताया। पुलिस का कहना है कि इस तरह से नशीले पदार्थों की तस्करी करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह जांच एजेंसियों को गुमराह करने की एक कोशिश भी है। इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि ड्रग तस्कर अब नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, जब्त की गई एमडीएमए की मात्रा 308 ग्राम है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी बड़ी मानी जाती है। इस ड्रग का उपयोग युवाओं के बीच बढ़ता हुआ देखा गया है और यह मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि यह खेप किसी बड़े वितरण नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है, जिसकी जांच की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद त्रिशूर जिले की पुलिस ने पूरे क्षेत्र में निगरानी और सख्त कर दी है। विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां नशीले पदार्थों की गतिविधियों की आशंका अधिक रहती है। पुलिस ने कहा है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

अधिकारियों ने बताया कि वाहन जांच के दौरान शुरू हुई यह कार्रवाई धीरे-धीरे एक बड़े ड्रग नेटवर्क तक पहुंचने का संकेत दे रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क के तार राज्य के बाहर या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़े हुए हैं। इसके लिए साइबर और फॉरेंसिक टीम की मदद भी ली जा रही है।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने इस सफलता को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया है कि नशीली दवाओं की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। खासकर युवा वर्ग इस तरह के सिंथेटिक ड्रग्स के जाल में तेजी से फंस रहा है, जो समाज के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या नशीले पदार्थों से जुड़ी जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि समाज की भागीदारी के बिना इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल है।

इस मामले में गिरफ्तार सभी सात आरोपियों से पूछताछ जारी है और उन्हें अदालत में पेश करने की प्रक्रिया भी चल रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आगे बढ़ने पर और भी अहम खुलासे हो सकते हैं, जो इस पूरे ड्रग नेटवर्क की परतों को उजागर करेंगे।

त्रिशूर जिले में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि नशीली दवाओं का कारोबार केवल एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह संगठित अपराध का हिस्सा बन चुका है, जिसे रोकने के लिए लगातार और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

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