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कोच्चि: बालगोकुलम और तपस्या कलासाहित्य वेदी के संस्थापक और वरिष्ठ RSS प्रचारक एम.ए. कृष्णन (97) का मंगलवार को अमृता अस्पताल में निधन हो गया। कल शाम उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए एलामक्कारा स्थित माधव निवास में रखा गया था। आज सुबह 10 बजे उन्हें कोल्लम के अयवरकला, पुथनम्बलम स्थित वल्लीथुंडिल उनके घर ले जाया जाएगा। आज शाम उनके घर पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कृष्णन ने अमृतभारती, बालसंस्कारकेंद्रम, बालसाहिती प्रकाशन, इंटरनेशनल श्री कृष्ण सेंटर और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले संगठन 'सौरक्षिका' की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कई वर्षों तक RSS केरल प्रांत के बौद्धिक प्रमुख, प्रचार प्रमुख और 'केसरी' के संपादक के रूप में सेवा की। वे कोल्लम के अयवरकला की रहने वाली लक्ष्मीयम्मा और मंगलथु पद्मनाभन के बेटे थे। कृष्णन 1964 में 'केसरी' के संपादक बने। 2008 में उन्हें कोलकाता की बड़ाबाजार लाइब्रेरी से विवेकानंद सेवा सम्मान मिला। उन्हें 'वीरश्री वेलुथम्पी मेमोरियल सेवा सम्मान' सहित कई अन्य सम्मान भी मिले थे। उन्होंने कई सांस्कृतिक पहलों की रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाई, जिनमें जन्माष्टमी शोभायात्राएं (जो बाद में केरल में बच्चों का एक बड़ा त्योहार बन गईं), बालगोकुलम के ज्ञानयज्ञ, कवि अक्किथम के नेतृत्व में कन्याकुमारी से गोकर्ण तक तपस्या-आयोजित सांस्कृतिक यात्रा और बालमहासम्मेलन शामिल हैं।
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