
कन्नूर: कन्नूर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज उत्तरी मालाबार क्षेत्र का एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों के साथ उनके परिजन भी अस्पताल परिसर में घंटों समय बिताते हैं। लेकिन अस्पताल आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर लोगों को एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के बस स्टॉप पर यात्रियों के लिए न तो कोई शेल्टर है और न ही उचित वेटिंग एरिया।
बस का इंतजार करने वाले मरीजों, बुजुर्गों और उनके परिजनों को खुले आसमान के नीचे खड़े रहना पड़ता है। बारिश और तेज धूप के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
मरीजों और परिजनों को होती है परेशानी
कन्नूर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले कई मरीज लंबी दूरी तय करके पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग भी शामिल होते हैं।
इलाज के बाद जब मरीजों और उनके परिजनों को वापस लौटना होता है, तो उन्हें बस के इंतजार में काफी समय तक सड़क किनारे खड़ा रहना पड़ता है। शारीरिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह स्थिति काफी कठिन हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर बस स्टॉप पर बुनियादी सुविधा का अभाव चिंताजनक है।
बारिश और धूप में बढ़ जाती है समस्या
बस शेल्टर नहीं होने के कारण यात्रियों को मौसम की मार झेलनी पड़ती है। बारिश के दौरान लोगों के पास भीगने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता, जबकि गर्मी के दिनों में उन्हें तेज धूप में खड़ा रहना पड़ता है।
विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों और छोटे बच्चों के साथ आने वाले परिवारों को ज्यादा परेशानी होती है। कई बार मरीजों को बैठने के लिए भी उचित जगह नहीं मिल पाती।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान में आने वाले लोगों के लिए आरामदायक प्रतीक्षा स्थल होना बेहद जरूरी है।
अस्पताल में रोजाना आते हैं हजारों लोग
कन्नूर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज उत्तरी मालाबार के कई जिलों के लोगों के लिए इलाज का प्रमुख केंद्र है। यहां सामान्य उपचार के अलावा गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी मरीज पहुंचते हैं।
मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अस्पताल आने-जाने वाले लोगों की संख्या भी काफी रहती है। ऐसे में बस स्टॉप पर सुविधाओं की कमी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है।
लोगों का कहना है कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए यहां एक सुरक्षित और व्यवस्थित बस शेल्टर का निर्माण जरूरी है।
लंबे समय से उठ रही है मांग
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि बस स्टॉप पर शेल्टर बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभागों को इस समस्या का समाधान जल्द करना चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि बस स्टॉप पर बैठने की व्यवस्था, छत, पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं कई लोग
कन्नूर मेडिकल कॉलेज आने वाले सभी लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल नहीं कर सकते। ग्रामीण इलाकों से आने वाले कई मरीज और उनके परिजन बस सेवा पर निर्भर रहते हैं।
ऐसे में बस स्टॉप पर बुनियादी सुविधाओं का न होना उनकी परेशानी को और बढ़ा देता है। खासकर उन लोगों के लिए यह चुनौतीपूर्ण है जो इलाज के बाद थकान और कमजोरी की स्थिति में यात्रा करते हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग जल्द इस समस्या पर ध्यान देगा और मेडिकल कॉलेज के बस स्टॉप पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
उनका कहना है कि अस्पताल परिसर और उसके आसपास की सुविधाएं मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की जानी चाहिए।
कन्नूर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान के बाहर एक सुरक्षित बस शेल्टर का निर्माण न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों को भी राहत देगा।
फिलहाल, मरीज और परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का जल्द समाधान होगा।





