केरल

Kochi : पेयजल संकट पर सियासी हलचल, रद्द अमृत 2.0 प्रोजेक्ट की समीक्षा की मांग तेज

Kavita2
25 Jun 2026 3:31 PM IST
Kochi : पेयजल संकट पर सियासी हलचल, रद्द अमृत 2.0 प्रोजेक्ट की समीक्षा की मांग तेज
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Kerala केरल: कोच्चि निर्वाचन क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय विधायक मोहम्मद शियास ने क्षेत्र में पानी की भारी कमी को दूर करने के लिए रद्द किए गए एक महत्वपूर्ण जल परियोजना की तत्काल समीक्षा की मांग की है।

यह परियोजना केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत प्रस्तावित थी, जिसके अंतर्गत थोप्पुमपाडी में चार लाख लीटर क्षमता का एक बड़ा स्टोरेज टैंक बनाने और पुराने पंप हाउस के नवीनीकरण की योजना शामिल थी। इसके साथ ही इस परियोजना में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार का कार्य भी प्रस्तावित था, जिससे क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया था।

विधायक मोहम्मद शियास ने कहा कि कोच्चि के कई हिस्सों में लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को रद्द किए जाने से जल संकट और अधिक गंभीर हो गया है।

उन्होंने मांग की कि थोप्पुमपाडी में प्रस्तावित चार लाख लीटर क्षमता वाले स्टोरेज टैंक, पंप हाउस के नवीनीकरण और पाइपलाइन विस्तार से जुड़े पूरे प्रोजेक्ट को फिर से समीक्षा में लिया जाए और इसे जल्द से जल्द पुनः शुरू किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग ने पिछले वर्ष फरवरी महीने में इस परियोजना का मैनेजमेंट परमिट रद्द कर दिया था। इसके बाद से ही यह योजना ठप पड़ी हुई है और इसके आगे के क्रियान्वयन पर कोई प्रगति नहीं हो सकी है।

विधायक शियास ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी और इसके रद्द होने का सीधा असर आम जनता पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि कोच्चि जैसे शहरी क्षेत्र में बढ़ती आबादी और मांग को देखते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए जल संसाधन मंत्री मॉन्स जोसेफ ने कहा कि सरकार कोच्चि में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले की समीक्षा की जाएगी और समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे।

मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस विषय को लेकर 29 तारीख को कोच्चि में वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें क्षेत्र की जल आपूर्ति स्थिति और लंबित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में रद्द की गई परियोजनाओं की स्थिति, वैकल्पिक योजनाओं और मौजूदा जल आपूर्ति नेटवर्क की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा, यह भी देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में तत्काल सुधार की आवश्यकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोच्चि के कई हिस्सों में लंबे समय से पानी की कमी बनी हुई है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे घरेलू उपयोग से लेकर दैनिक जरूरतों तक प्रभावित होती हैं। लोगों को कई बार निजी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या और बुनियादी ढांचे पर दबाव के कारण जल प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है। यदि समय पर योजनाओं को लागू नहीं किया गया तो भविष्य में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

विधायक की मांग और सरकार के आश्वासन के बाद अब सभी की नजर 29 तारीख को होने वाली बैठक पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में कोच्चि के पेयजल संकट के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे और लंबित परियोजनाओं पर कोई निर्णायक निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल, कोच्चि में पेयजल समस्या को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, ताकि क्षेत्र में जल आपूर्ति की स्थिति को सामान्य किया जा सके।

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