
Kerala केरल: करियाद कन्हिराकदवा क्षेत्र में ग्रामीण किसान संघ द्वारा की गई तरबूज की खेती की कटाई इस बार एक उत्सव और सामुदायिक कार्यक्रम का रूप ले चुकी है। पांच किसानों के संयुक्त प्रयास से खेत में 1000 किलो से अधिक तरबूज की सफल कटाई की गई, जिससे पूरे इलाके में उत्साह का माहौल रहा।
यह लगातार तीसरा वर्ष है जब इस क्षेत्र के किसान तरबूज की खेती कर रहे हैं। आमतौर पर कम लोकप्रिय मानी जाने वाली इस फसल को किसानों ने मेहनत और सहयोग के जरिए सफल कृषि मॉडल में बदलने की कोशिश की है। इस पहल को स्थानीय स्तर पर एक प्रेरणादायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इस अभियान का नेतृत्व किसान एम.एम. भास्करन और कंडोट रवि ने किया। दोनों किसानों ने बताया कि शुरुआत में तरबूज की खेती को लेकर कई चुनौतियां थीं, लेकिन धीरे-धीरे अनुभव और तकनीकी सहयोग से उत्पादन बेहतर होता गया।
किसानों ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में करियाद एग्रीकल्चर ऑफिस का भी पूरा सहयोग मिला, जिससे खेती के दौरान तकनीकी मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा गांव के लोगों ने भी इस पहल में सक्रिय सहयोग दिया, जिसके चलते कटाई के बाद अधिकांश फसल तुरंत बिक गई।
स्थानीय स्तर पर तरबूज की इस सफल खेती ने अन्य किसानों को भी प्रेरित किया है। किसानों का कहना है कि वे अगले वर्ष इस खेती का दायरा और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, ताकि अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान ई.के. मनोज ने अध्यक्षता की, जबकि सिटी काउंसलर एम.टी.के. बाबू ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में स्थानीय किसान, अधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इस आयोजन को कृषि क्षेत्र में सामूहिक प्रयास और नवाचार का उदाहरण माना जा रहा है। किसानों का मानना है कि यदि इसी तरह सहयोग मिलता रहा तो ग्रामीण क्षेत्रों में वैकल्पिक फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा सकता है।
ग्रामीण किसानों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में तरबूज की खेती उन्हें आर्थिक रूप से और मजबूत बनाएगी और क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।





