
Kerala केरल: विझिनजम पोर्ट अथॉरिटी से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है, जिस पर दस्तावेजों में हेराफेरी कर खुद को 300 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्ट का विजेता बताने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कई लोगों को ठगे जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
यह मामला मलप्पुरम जिले के एरियाकोड निवासी सलमानुल फारिस पी.टी. (45) के खिलाफ दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने विझिनजम पोर्ट से संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर एक बड़े प्रोजेक्ट के आवंटन का झूठा दावा किया और इसके आधार पर लोगों को गुमराह किया।
विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट से जुड़े अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थम्पानूर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पोर्ट अथॉरिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की ओर से इस महीने की शुरुआत में दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर यह दिखाने की कोशिश की कि उसे 300 करोड़ रुपये का बड़ा ठेका मिला है। इस फर्जी दावे के आधार पर उसने विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं को आर्थिक रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया।
अधिकारियों को संदेह है कि इस पूरे मामले में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं या फिर आरोपी ने अकेले ही एक सुनियोजित तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जी कॉन्ट्रैक्ट के नाम पर कितने लोगों से संपर्क किया गया और क्या किसी प्रकार की आर्थिक लेन-देन हुई है।
थम्पानूर पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है और उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही उसके डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
इस मामले ने राज्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े दस्तावेजी सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस इस पूरे प्रकरण को गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी मानते हुए जांच आगे बढ़ा रही है और जल्द ही आरोपी को पकड़ने का दावा कर रही है।





