
Kerala केरल: कप्पामंगलम क्षेत्र के चालिंगड में ईस्ट टीपू सुल्तान रोड की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। सड़क की दुर्दशा और जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने विरोध जताने के लिए सड़क पर ही पानी की टंकी में नहाया, मछली पकड़ी और भैंसों को नहलाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पीने के पानी की पाइपलाइन बदलने के लिए सड़क का एक हिस्सा खोदा गया था, जिसे बाद में अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। लेकिन लगातार बारिश के कारण यह हिस्सा धीरे-धीरे गड्ढे में बदल गया, जिससे पूरी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
जल प्राधिकरण की ओर से की गई मरम्मत के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। बारिश बढ़ने के साथ ही सड़क पर पानी भर गया और निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी लगातार जमा होता रहा, जिससे क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण साफ पानी बर्बाद हो रहा है और सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह स्थिति ठेकेदार और संबंधित विभाग की लापरवाही का परिणाम है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने के कारण यह पूरी सड़क तालाब जैसी बन गई है। इस वजह से पैदल चलना और वाहनों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर सड़क पूरी तरह टूट चुकी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय युवाओं ने प्रतीकात्मक रूप से पानी में उतरकर स्नान किया, नावों को पानी में उतारा और मछली पकड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस अनोखे प्रदर्शन ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींचा और सोशल मीडिया पर भी यह घटना चर्चा का विषय बन गई।
स्थानीय प्रशासन से ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत की जाए, पाइपलाइन लीकेज को ठीक किया जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व स्थानीय नागरिकों पी.एम. नजमुद्दीन, टी.यू. अहमद, पी.एम. असलम, के.के. शेखिर और ताहिर सहित अन्य लोगों ने किया। उन्होंने कहा कि जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि यह केवल सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि जनजीवन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
कुल मिलाकर, केरल के इस क्षेत्र में सड़क की खराब हालत और जलभराव ने लोगों को इस तरह के अनोखे विरोध के लिए मजबूर कर दिया है, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।





