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Thiruvananthapuram तिरुवनंतपुरम। केरल में यौन शोषण के मामले में गृह विभाग ने रविवार को वडकारा के डिप्टी एसपी उमेश को निलंबित कर दिया। पलक्कड़ में चेरपुलस्सेरी पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर बीनू थॉमस (52) ने 32 पन्नों के सुसाइड नोट में महिला के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था। राज्य पुलिस प्रमुख रवादा ए. चंद्रशेखर द्वारा गृह विभाग को एक विशेष रिपोर्ट सौंपे जाने के एक दिन बाद सरकार ने यह कार्रवाई की, जिसमें उमेश की अनैतिक, अवैध और अनुशासनहीन गतिविधियों का उल्लेख किया गया था। गृह विभाग ने इस रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए डिप्टी एसपी को तत्काल निलंबित कर दिया।
दरअसल 24 अप्रैल, 2014 को वडक्कनचेरी पुलिस स्टेशन के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर और एसएचओ बीनू ने एक छापेमारी की थी, जिसके बाद तस्करी के आरोप में एक महिला और चार पुरुषों को हिरासत में लिया गया था। उस समय सर्किल इंस्पेक्टर रहे उमेश ने कथित तौर पर आरोपियों से रिश्वत ली और यह सुनिश्चित किया कि कोई मामला दर्ज न हो। उस रात उमेश और बीनू महिला के घर गए, जहां उसे कथित तौर पर धमकाया गया और उसका यौन शोषण किया गया।
बीनू ने अपने सुसाइड नोट में उमेश को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया। उसने बताया कि उमेश ने उस रात और दो दिन बाद फिर से महिला का यौन उत्पीड़न किया। बीनू ने स्वीकार किया कि बाद में फोन पर लंबी बातचीत के बाद वह महिला के साथ रिलेशनशिप में आ गया था। महिला का बयान दर्ज करने वाले पलक्कड़ जिला पुलिस प्रमुख अजीत कुमार ने कहा कि पुलिस मुख्यालय को एक सख्त रिपोर्ट भेज दी गई है। सूत्रों ने बताया कि दक्षिणी जिले में रहने वाली महिला ने सुसाइड नोट में लिखी घटनाओं की पुष्टि की और संकेत दिया कि उमेश का कथित दुर्व्यवहार बीनू द्वारा लिखे गए बयान से कहीं ज्यादा था।
15 नवंबर को बीनू को पुलिस क्वार्टर में मृत पाया गया था, तो उनकी मौत का कारण व्यक्तिगत समस्याएं बताई गई थीं। हालांकि पुलिस ने जांच के दौरान उनका सुसाइड नोट और फोन बरामद कर लिए थे, लेकिन सुसाइड नोट के तीन पन्ने मीडिया में लीक होने के बाद ही जांच में तेजी आई। सूत्रों के अनुसार उमेश ने महिला के साथ बीनू की बढ़ती भावनात्मक नजदीकियों का विरोध किया था और यहां तक कि बीनू की पत्नी को भी इसकी जानकारी दी थी, जिससे अधिकारी की परेशानी और बढ़ गई थी।
सुसाइड नोट लीक होने के बाद उमेश के खिलाफ प्रारंभिक अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई। अजीत कुमार ने कहा कि निलंबित डीएसपी से अब मौखिक पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उमेश के खिलाफ अभी तक यौन उत्पीड़न या आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सरकार निलंबित डीएसपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के लिए जल्द ही मंजूरी दे सकती है।
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