
Kerala केरल: केरल के वेल्लारडा जंक्शन के पास KSRTC मार्ग पर रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें करंट लगने से तीन लोगों की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब भारी बारिश के बीच तीन लोग एक बादाम के पेड़ के नीचे खड़े थे और अचानक पेड़ की टहनी बिजली के तार से संपर्क में आ गई।
मृतकों की पहचान 33 वर्षीय सुदर्शन, 45 वर्षीय नेल्सन और 39 वर्षीय जयराज के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बारिश के कारण सभी लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में पेड़ के नीचे खड़े थे, लेकिन उसी दौरान यह हादसा हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बादाम के पेड़ की एक टहनी लंबे समय से बिजली की लाइन के ऊपर लटकी हुई थी, जिससे खतरा बना हुआ था। रविवार को हुई तेज बारिश के कारण यह स्थिति और भी खतरनाक हो गई, और टहनी बिजली के मुख्य तार से टकरा गई, जिससे पूरे इलाके में करंट फैल गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, तब तक तीनों व्यक्तियों की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पहले ही केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (KSEB) अधिकारियों को इस खतरे के बारे में कई बार सूचित किया था। लोगों का कहना है कि पेड़ की टहनी बिजली की लाइन के करीब होने से बड़ा खतरा बना हुआ था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि टहनी KSRTC मार्ग की मुख्य बिजली लाइन के साथ लंबे समय से उलझी हुई थी, जिसे हटाने की आवश्यकता थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। यदि समय रहते इसे हटाया गया होता तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने मांग की है कि बिजली विभाग तुरंत कार्रवाई करते हुए बाकी खतरनाक टहनियों को हटाए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लापरवाही किस स्तर पर हुई। वहीं, प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
कुल मिलाकर, यह हादसा बिजली सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव में लापरवाही का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसमें तीन निर्दोष लोगों की जान चली गई।





