
करुलाई: पहाड़ी इलाके में आए तेज तूफान ने करुलाई पंचायत क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। मंगलवार देर रात अचानक चली तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में घरों को नुकसान पहुंचा। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, तूफान से करीब 40 घर आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि तूफान का असर मंगलवार रात करीब 12 बजे करुलाई पंचायत के चेट्टी और वरकुलम इलाकों में देखने को मिला। तेज हवा के कारण कई बड़े पेड़ उखड़ गए, जिससे घरों की छतें टूट गईं और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
करीब 1 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों के शुरुआती आकलन के अनुसार, तूफान से करीब 1 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि, नुकसान का अंतिम आंकड़ा विस्तृत सर्वे के बाद ही सामने आएगा।
तूफान के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। अधिकारी मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त मकानों और अन्य संपत्तियों का निरीक्षण कर रहे हैं।
पेड़ गिरने से एक परिवार के तीन लोग घायल
तूफान के दौरान एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया, जब एक परिवार के घर पर पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने से घर की छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए।
घायलों की पहचान एरंजिकुलावन अनवर, उनकी पत्नी नजमुन्निसा और बेटे अभिशिर के रूप में हुई है। तीनों को इलाज के लिए करुलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
परिजनों के अनुसार, हादसे के समय परिवार घर के अंदर मौजूद था। अचानक तेज आवाज के साथ पेड़ घर पर गिर गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
घर के दोनों तरफ गिरे पेड़, वाहन भी क्षतिग्रस्त
अनवर के घर के दोनों तरफ पेड़ गिर गए, जिससे मकान को काफी नुकसान पहुंचा। घर की छत पूरी तरह गिर गई और अंदर रखा सामान भी प्रभावित हुआ।
इतना ही नहीं, घर के परिसर में खड़ी एक कार और एक टिपर लॉरी भी पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई। परिवार ने बताया कि अचानक हुए इस हादसे से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
लोगों में दहशत का माहौल
तूफान के बाद करुलाई और आसपास के इलाकों में लोगों में दहशत का माहौल है। रात के समय तेज हवाओं और पेड़ों के गिरने की आवाज से लोग डर गए थे।
कई परिवारों ने रात खुले में या सुरक्षित स्थानों पर बिताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवाओं के कारण कई जगह बिजली के तार और पेड़ गिरने से परेशानी बढ़ गई।
प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का सर्वे
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन की टीमों ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त घरों का निरीक्षण कर नुकसान की रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच बढ़ी चिंता
पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाले तूफान और तेज हवाएं अक्सर नुकसान का कारण बनती हैं। ऐसे मौसम में पेड़ों और कमजोर निर्माण वाले मकानों को ज्यादा खतरा रहता है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
करुलाई पंचायत में आए इस तूफान ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर तैयारी की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में जुटा हुआ है।





