
Kerala केरल: शैक्षणिक वर्ष शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में मोटर वाहन विभाग ने स्कूल बसों की दक्षता और सुरक्षा जांच अभियान पूरा कर लिया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति या फिटनेस प्रमाणपत्र के स्कूल बस के रूप में उपयोग किए जाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, विभाग ने दो दिनों के भीतर लगभग 200 वाहनों की जांच की। इनमें से 139 वाहनों ने सभी आवश्यक फिटनेस मानकों को पूरा कर लिया, जिसके बाद उन पर आधिकारिक स्टिकर भी लगाए गए हैं।
पहले दिन 98 वाहनों की जांच की गई, जबकि बुधवार को 96 वाहनों का निरीक्षण किया गया। यह जांच अलाप्पुझा बीच रोड पर विशेष रूप से आयोजित की गई, जहां वाहनों को चलाकर उनकी वास्तविक कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया।
जिन वाहनों में कमियां पाई गईं या जो मानकों पर खरे नहीं उतरे, उन्हें नोटिस देकर वापस भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इन वाहनों को आवश्यक सुधार करने के बाद दोबारा जांच के लिए प्रस्तुत करना होगा।
फिटनेस जांच के दौरान केवल सामान्य तकनीकी मानकों ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण सुरक्षा पहलुओं की भी गहन जांच की गई। इसमें टायरों की स्थिति, वाइपर, आपातकालीन दरवाजे, दरवाजों के ताले और शटर सिस्टम की कार्यक्षमता शामिल रही।
इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी वाहनों में GPS प्रणाली और गति नियंत्रण प्रणाली (स्पीड कंट्रोल सिस्टम) सही ढंग से काम कर रही है, ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
मोटर वाहन विभाग ने बताया कि आगामी 23 तारीख को स्कूल बस ड्राइवरों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। इन कक्षाओं का उद्देश्य सड़क सुरक्षा, आपात स्थिति में प्रतिक्रिया और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
अधिकारियों ने कहा कि स्कूल बस संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





