
Kerala केरल: इलाके में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते ग्रामीण सड़कों की स्थिति तेजी से खराब होती जा रही है। कई प्रमुख मार्गों पर सड़कें टूटने लगी हैं और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सड़कों से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, लेकिन खराब हालत के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
पठानपुरम-करमूद-मूलक्कड़ा-कोचिकदावु रोड, पठानपुरम पुन्नाला रोड से कुम्पिक्कल नादुमुरुप्पु सेक्शन तक की सड़क सहित कई ग्रामीण मार्गों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। इन सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर करना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भरा होने के कारण सड़क और गड्ढे का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे अचानक हादसे होने की संभावना बनी रहती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह वही सड़कें हैं जिनकी मरम्मत हाल ही में पिछले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले की गई थी। लेकिन मरम्मत के कुछ ही महीनों बाद, लगभग छह महीने से पहले ही सड़कें फिर से टूटने लगीं। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इतनी जल्दी सड़कें खराब होना चिंता का विषय है।
ग्रामीणों ने बताया कि इन खराब सड़कों की वजह से रोजाना छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर फिसलन और गहरे गड्ढों के कारण वाहन अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं, जिससे चोट लगने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
स्थानीय निवासियों ने ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इन सड़कों की मरम्मत नहीं की गई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है और बड़ी दुर्घटनाएं होने की आशंका बढ़ जाएगी।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि बारिश के मौसम में सड़क की हालत और खराब हो जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। स्कूल जाने वाले बच्चे और कामकाजी लोग भी इन खराब सड़कों से गुजरने को मजबूर हैं।
फिलहाल, लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाए और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो हादसों की संख्या और बढ़ सकती है।





