
Kerala केरल: डेंगू बुखार के मामलों में बढ़ोतरी के बीच अट्टाप्पडी का आदिवासी इलाका भी अब चिंता के घेरे में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 40 दिनों में इस क्षेत्र में 24 लोगों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है, क्योंकि पहले अट्टाप्पडी में डेंगू के मामले बहुत कम या लगभग नगण्य रहे हैं।
स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इस बार संक्रमण की रफ्तार ने समुदाय में चिंता बढ़ा दी है। आदिवासी आबादी वाले इस क्षेत्र में पहले डेंगू के मामले शायद ही कभी सामने आते थे, लेकिन इस वर्ष अचानक मामलों में वृद्धि ने स्वास्थ्य व्यवस्था को सतर्क कर दिया है।
स्थिति को और गंभीर तब माना जा रहा है जब शनिवार को करिमपुझा क्षेत्र में डेंगू से इस साल की पहली मौत की सूचना मिली। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इलाके में निगरानी और तेज कर दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान पानी जमा होने और साफ-सफाई की कमी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे डेंगू जैसे रोग तेजी से फैलते हैं। अट्टाप्पडी जैसे ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच सीमित होने के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि राज्य में शिगेला जैसी संक्रामक बीमारियां भी फैल रही हैं, जो डेंगू के साथ मिलकर स्वास्थ्य जोखिम को और बढ़ा सकती हैं। इसलिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान शुरू करने की योजना बनाई है, जिसमें लोगों को साफ पानी के उपयोग, मच्छरदानी के प्रयोग और आसपास पानी जमा न होने देने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल टीमें गांव-गांव जाकर मरीजों की जांच कर रही हैं और संदिग्ध मामलों की तुरंत पहचान की जा रही है। स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि अचानक बढ़े मामलों ने चिंता बढ़ा दी है और लोग अब स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने दोहराया है कि डेंगू को रोकने के लिए सामुदायिक सहयोग बेहद जरूरी है और लोगों को किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए।
कुल मिलाकर, अट्टाप्पडी में डेंगू के बढ़ते मामले और पहली मौत ने स्वास्थ्य तंत्र के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है, जिससे निपटने के लिए प्रशासन और समुदाय दोनों को मिलकर काम करना होगा।





