
Kerala केरल: केरल में शिगेला संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जताई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस साल जनवरी से अब तक राज्य में शिगेला के कुल 146 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से अकेले जून महीने में 70 मामले सामने आए हैं, जो संक्रमण के तेजी से फैलने का संकेत देते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि शिगेला संक्रमण से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से एक मौत मार्च महीने में हुई थी, जबकि बाकी चार मौतें इसी महीने दर्ज की गई हैं। उन्होंने यह जानकारी तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के बाद मीडिया से साझा की।
मंत्री के अनुसार, राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय स्वास्थ्य इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है।
शिगेला एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो आमतौर पर दूषित पानी या भोजन के माध्यम से फैलता है। यह संक्रमण आंतों को प्रभावित करता है और गंभीर मामलों में डायरिया, बुखार और शरीर में कमजोरी जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह अधिक खतरनाक साबित हो सकती है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने की अपील की है। विभाग ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराई जाए।
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में जल स्रोतों की जांच की जा रही है और संक्रमण के स्रोत का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। साथ ही, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि लोगों को बीमारी के फैलाव से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जा सके।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों की टीम लगातार निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, राज्य सरकार ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत रिपोर्ट की जाए और उपचार में किसी तरह की देरी न हो।
कुल मिलाकर, केरल में शिगेला के मामलों में हालिया वृद्धि ने स्वास्थ्य व्यवस्था को सतर्क कर दिया है, और सरकार इसे नियंत्रित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।





