
Kerala केरल: जिले के प्राइवेट बस मालिक इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, जिससे पूरे राज्य में बस परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। बस संचालकों का कहना है कि मौजूदा हालात में बस चलाना लगातार घाटे का सौदा बनता जा रहा है और कई मालिकों ने संचालन बंद करने तक की बात कही है।
बस मालिकों के अनुसार, पिछले कुछ समय से लगातार हो रहे वित्तीय नुकसान ने स्थिति को बेहद कठिन बना दिया है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी, रखरखाव खर्च और यात्रियों की संख्या में कमी के कारण आय और व्यय का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है।
संचालकों का कहना है कि बस इंडस्ट्री पहले से ही दबाव में थी, लेकिन अब स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। कई मालिकों ने कहा कि वे रोजाना होने वाले नुकसान को देखते हुए बसें चलाने से पीछे हटने पर मजबूर हो रहे हैं।
कर्मचारियों और बस ऑपरेटरों का यह भी कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी उद्योग ने कठिन समय देखा था, लेकिन उस समय जैसी परिस्थितियों की तुलना में वर्तमान संकट और अधिक गंभीर हो गया है। उनका मानना है कि मौजूदा आर्थिक दबाव लंबे समय तक जारी रहा तो कई बसें स्थायी रूप से बंद हो सकती हैं।
बस मालिकों ने बताया कि यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद ऑपरेशनल खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कई रूटों पर बस चलाना लाभ की बजाय नुकसान का कारण बन रहा है।
परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकाला गया तो इसका सीधा असर आम यात्रियों पर भी पड़ेगा, क्योंकि कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का मुख्य साधन प्राइवेट बसें ही हैं।
संचालकों ने सरकार से मांग की है कि ईंधन की कीमतों, टैक्स और अन्य शुल्कों में राहत दी जाए ताकि इस उद्योग को बचाया जा सके। उनका कहना है कि यदि सहयोग नहीं मिला तो कई रूट बंद करने की स्थिति आ सकती है।
कुल मिलाकर, प्राइवेट बस उद्योग इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है और लगातार बढ़ते नुकसान ने पूरे सेक्टर के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है।





