
Kerala केरल: शहर में ऑनलाइन ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और टू-व्हीलर राइड सेवाओं को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब इन सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों और राइडर्स के लिए पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य किया जा रहा है। पुलिस ने यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है।
सिटी पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि शहर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाएं देने वाले कुछ ड्राइवरों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इसके बाद पुलिस ने यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया, ताकि यात्रियों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
बिना क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं मिलेगी अनुमति
सिटी पुलिस कमिश्नर डॉ. अरुल आर.बी. कृष्णा ने घोषणा की है कि जिन ड्राइवरों के पास पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें ऑनलाइन परिवहन सेवाएं देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य सभी ड्राइवरों को अपराध मुक्त पृष्ठभूमि के साथ सेवा देने के लिए सुनिश्चित करना है। इससे यात्रियों को रात के समय यात्रा करते हुए अधिक सुरक्षा महसूस होगी।
रात में सेवाएं देने वाले ड्राइवरों पर विशेष निगरानी
पुलिस ने विशेष रूप से रात के समय सेवाएं देने वाले ऑनलाइन टैक्सी, ऑटो और टू-व्हीलर राइडर्स को लेकर निर्देश जारी किए हैं।
अब ऐसे ड्राइवरों और राइडर्स को पुलिस अधिकारियों द्वारा मांग किए जाने पर ‘नॉन-इनवॉल्वमेंट इन ऑफेन्स सर्टिफिकेट’ (Non-Involvement in Offence Certificate) दिखाना होगा। यह प्रमाण पत्र यह पुष्टि करेगा कि संबंधित व्यक्ति किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं रहा है।
Pol App के जरिए कर सकेंगे आवेदन
पुलिस ने इस सुविधा को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था भी की है। ड्राइवर और राइडर्स पुलिस के मोबाइल एप ‘Pol App’ के माध्यम से इस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन मिलने के बाद पुलिस संबंधित व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच करेगी। रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों को क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन कैब और ऑटो सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है। खासकर देर रात यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस क्लीयरेंस प्रक्रिया से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि सेवा देने वाले ड्राइवरों का कोई आपराधिक इतिहास तो नहीं है।
परिवहन सेवाओं में बढ़ेगा भरोसा
पुलिस का मानना है कि इस कदम से ऑनलाइन परिवहन सेवाओं में यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा। प्रमाणित और सत्यापित ड्राइवरों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा।
इसके अलावा, यह व्यवस्था उन ड्राइवरों को भी अलग पहचान देने में मदद करेगी, जिनका रिकॉर्ड साफ है और जो लंबे समय से ईमानदारी से सेवाएं दे रहे हैं।
ड्राइवर संगठनों की प्रतिक्रिया पर नजर
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ड्राइवर समुदाय और ऑनलाइन परिवहन कंपनियों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। क्योंकि बड़ी संख्या में लोग इन सेवाओं के माध्यम से रोजगार प्राप्त करते हैं।
पुलिस का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है।
आगे और सख्ती की तैयारी
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऑनलाइन परिवहन सेवाओं की निगरानी और बढ़ाई जा सकती है। नियमों का उल्लंघन करने वाले या बिना सत्यापन के सेवाएं देने वाले ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने सभी ऑनलाइन ऑटो, टैक्सी और टू-व्हीलर सेवा प्रदाताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द क्लीयरेंस सर्टिफिकेट की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि सेवा संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद शहर में ऑनलाइन परिवहन सेवाओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।





