
Kerala केरल: जिले में इलायची की खेती करने वाले किसानों को ठगने वाले पेस्टिसाइड एजेंटों और संगठित गिरोह के सक्रिय होने की शिकायत सामने आई है। यह गिरोह विशेष रूप से उन किसानों को निशाना बना रहा है, जो हाल ही में इलायची की खेती से जुड़े हैं और जिनके पास इस फसल की अधिक जानकारी नहीं है।
किसानों का आरोप है कि ये एजेंट खुद को कीट नियंत्रण और फसल सुरक्षा विशेषज्ञ बताकर बागानों में पहुंचते हैं और दावा करते हैं कि उनके पास इलायची की फसल में लगने वाले विभिन्न कीड़ों और बीमारियों का प्रभावी इलाज मौजूद है। वे किसानों को यह विश्वास दिलाते हैं कि उनकी दवाएं 100 प्रतिशत असरदार हैं और इससे उत्पादन में भारी वृद्धि होगी।
जानकारी के अनुसार, ये लोग इलायची के तने में छेद करने वाले कीड़े, सफेद मक्खी के हमले, पत्तियों के मुड़ने, जड़ों के सड़ने, फलों के गिरने और उनके पीले पड़ने जैसी समस्याओं का हवाला देकर किसानों को डराते हैं और तुरंत पेस्टिसाइड खरीदने के लिए प्रेरित करते हैं।
किसानों का कहना है कि कई मामलों में ये एजेंट बिना किसी आधिकारिक पहचान के खेतों तक पहुंच जाते हैं और नकली या घटिया गुणवत्ता वाली दवाएं महंगे दामों पर बेचते हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है और फसल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
स्थानीय किसान संगठनों ने दावा किया है कि इस तरह की 100 से अधिक नकली एजेंसियां क्षेत्र में सक्रिय हैं, जो अलग-अलग नामों और ब्रांडों के तहत काम कर रही हैं। ये एजेंसियां छोटे और नए किसानों को ज्यादा आसानी से अपना शिकार बना रही हैं।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के फर्जी पेस्टिसाइड कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाए और खेतों में जाकर दवा बेचने वाले एजेंटों की जांच की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केवल अधिकृत कृषि विशेषज्ञों और सरकारी प्रमाणित उत्पादों की ही बिक्री की अनुमति दी जानी चाहिए।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को किसी भी दवा या पेस्टिसाइड को बिना जांचे-परखे उपयोग नहीं करना चाहिए और हमेशा कृषि विभाग से सलाह लेकर ही खरीदारी करनी चाहिए।
कुल मिलाकर, इलायची किसानों को निशाना बनाने वाले इस संगठित ठगी नेटवर्क ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है और अब प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।





