
तिरुवनंतपुरम: सरकार खेल संस्थाओं में पक्षपातपूर्ण राजनीति को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कानून लाने की योजना बना रही है कि राज्य के खेल प्रशासन का नेतृत्व खिलाड़ी, सरकारी प्रतिनिधि और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ करें।
सरकार सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में 'केरल स्पोर्ट्सपर्सन्स वेलफेयर, स्पोर्ट्स डेवलपमेंट एंड गवर्नेंस बिल, 2026' पेश करेगी। इसका मकसद खिलाड़ियों के कल्याण, खेल विज्ञान, आधुनिक बुनियादी ढांचे और विकास के एक व्यापक ढांचे को एक साथ लाना है।
अधिकारियों ने बताया कि यह कदम कई खिलाड़ियों द्वारा खेल मंत्री ओ.जे. जनीश से खेल प्रशासन में व्यापक बदलाव की अपील के बाद उठाया गया है।
इस बिल में 'स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ केरलम' बनाने का प्रस्ताव भी है, जिसके अध्यक्ष खेल मंत्री होंगे और इसकी सामान्य समिति में खिलाड़ी तथा खेल विज्ञान जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। खेल, कानून, वित्त और सामान्य शिक्षा विभागों के सचिव इसके पदेन सदस्य होंगे, जबकि सामान्य परिषद में हर खेल संघ का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।
बिल में सदस्यों के चयन के लिए कड़े नियम तय किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्तावित व्यवस्था से खेल संघ अपने फैसलों और खर्चों के लिए अधिक जवाबदेह बनेंगे और साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि खेल प्रशासन राज्य के हितों के लिए काम करे।
खेल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "खेल संघ अक्सर खिलाड़ियों के चयन के सही नियमों का पालन नहीं करते, फंड का गलत इस्तेमाल करते हैं और संसाधनों का असमान बंटवारा करते हैं। जिन संघों का परिषद में मजबूत प्रतिनिधित्व होता है, उन्हें अधिक समर्थन मिलता है, जबकि जिनका प्रतिनिधित्व नहीं होता, वे पीछे रह जाते हैं। आखिरकार, इन तौर-तरीकों का खामियाजा खिलाड़ियों को ही भुगतना पड़ता है।"
जनीश की पहले की व्यापक बदलाव की मांग के अनुरूप, खेल परिषदों सहित संस्थागत ढांचे में भी बड़े बदलाव की संभावना है। यह कदम विजिलेंस विभाग के 'ऑपरेशन कलिकालम' के बाद उठाया गया है, जिसमें जिला और राज्य खेल परिषदों में बड़े पैमाने पर वित्तीय और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। वरिष्ठ अधिकारियों ने खेल विभाग, खेल परिषद और स्पोर्ट्स केरल फाउंडेशन के बीच सेवाओं के दोहराव की ओर भी इशारा किया है, जिसे प्रस्तावित सुधारों के जरिए खत्म करने का लक्ष्य है।
बिल में सरकारी, संस्थागत, निजी और सार्वजनिक-निजी पहलों के माध्यम से खेल बुनियादी ढांचे के विकास और प्रबंधन का प्रस्ताव भी है। यह खेल क्षेत्र को स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर, प्रोफेशनल फैसिलिटी ऑपरेटर और इवेंट ऑर्गनाइज़र के लिए खोलता है।





