
Kerala केरल: अरब सागर की गहराइयों में रहने वाले भारतीय स्क्विड (Indian squid) के प्रजनन व्यवहार को लेकर एक नया वैज्ञानिक अध्ययन सामने आया है, जिसमें इसके प्रेम-जीवन से जुड़े कई चौंकाने वाले पहलुओं का खुलासा हुआ है। ICAR-सेंट्रल मरीन फिशरीज़ रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) के इस अध्ययन में पहली बार भारतीय स्क्विड Uroteuthis duvaucelii में विषमलिंगी (heterosexual) और समलिंगी (homosexual) दोनों प्रकार के मिलन व्यवहार दर्ज किए गए हैं।
शोध में यह भी पाया गया है कि इस प्रजाति में तेज गति से मिलन, बार-बार मिलन और शुक्राणु को लंबे समय तक संग्रहित करके रखने की क्षमता मौजूद है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह व्यवहार समुद्री जीवों के प्रजनन पैटर्न को समझने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।
CMFRI द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि अध्ययन के दौरान स्क्विड के व्यवहार से जुड़े कई ऐसे पहलू सामने आए हैं, जो पहले अज्ञात थे। इनमें त्वरित मिलन प्रक्रिया, एक ही जीवन चक्र में कई बार मिलन और शुक्राणु को शरीर में सुरक्षित रखने की क्षमता शामिल है, जिससे प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज समुद्री जीव विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है, क्योंकि इससे स्क्विड जैसी प्रजातियों की जनसंख्या वृद्धि और उनके पारिस्थितिक व्यवहार को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
अध्ययन में यह भी संकेत मिला है कि स्क्विड का प्रजनन व्यवहार पर्यावरणीय परिस्थितियों और जनसंख्या घनत्व के अनुसार बदल सकता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि समुद्री जीवों का व्यवहार अपेक्षा से कहीं अधिक जटिल और गतिशील होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस शोध से समुद्री संसाधनों के संरक्षण और मत्स्य प्रबंधन की नीतियों को भी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। वैज्ञानिक अब इस प्रजाति के और गहन अध्ययन की योजना बना रहे हैं, ताकि इसके व्यवहार और जीवन चक्र को और विस्तार से समझा जा सके।
यह अध्ययन समुद्री जैव विविधता और प्रजनन विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।





