
Kerala केरल: केरल के कोल्लम जिले में भीषण गर्मी के बीच कुछ स्थानीय लोग मानवता की अनोखी मिसाल पेश कर रहे हैं। पिछले तीन वर्षों से कुंजुमोन नामक व्यक्ति सड़क किनारे यात्रियों, हाइकर्स और गांववालों को ठंडा पीने का पानी उपलब्ध करा रहे हैं। चिलचिलाती गर्मी में जब तापमान बढ़ जाता है, तब उनकी यह सेवा लोगों के लिए बड़ी राहत बन जाती है।
कोल्लम के गुरु मंदिर जंक्शन पर हाशिम नाम के एक स्थानीय निवासी भी इस सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें इलाके में लोगों के बीच काफी सम्मान और स्नेह मिलता है। हाशिम ने तीर्थयात्रियों और राहगीरों के लिए पीने के पानी की विशेष व्यवस्था की है, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को गर्मी में राहत मिल सके।
इस पहल की खास बात यह है कि यह सेवा केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। कुंजुमोन और उनकी टीम सुबह से ही जानवरों और पक्षियों के लिए भी पानी भरकर रखते हैं, ताकि कोई भी जीव गर्मी में प्यासा न रहे। यह व्यवस्था लगातार पूरे दिन चलती है और रात 8 बजे तक जारी रहती है।
जानकारी के अनुसार, सुबह 8 बजे के आसपास कुंजुमोन अपने घर के सामने मिट्टी के बड़े बर्तनों में पानी भरकर रखते हैं। इस पानी को ठंडा रखने के लिए विशेष तरीके से बर्फ का उपयोग किया जाता है, जिससे यात्रियों को ठंडा पानी मिल सके। दिनभर वे नियमित अंतराल पर लोगों को पानी वितरित करते रहते हैं।
इस सेवा में कुंजुमोन की पत्नी जुबेलिया भी उनका पूरा सहयोग करती हैं। वे मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी राहगीर, हाइकर्स या स्थानीय व्यक्ति को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहल अब एक सामाजिक सेवा का रूप ले चुकी है और दूर-दूर से लोग इस व्यवस्था की सराहना करने आते हैं। गर्मी के मौसम में यह सेवा लोगों के लिए बड़ी राहत बन गई है।
इलाके के लोगों का कहना है कि ऐसे प्रयास समाज में एक सकारात्मक संदेश देते हैं और दूसरों को भी मदद करने के लिए प्रेरित करते हैं। कुंजुमोन और हाशिम की यह पहल अब क्षेत्र में एक मिसाल बन चुकी है।
फिलहाल, यह सेवा लगातार जारी है और स्थानीय लोग इस प्रयास की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं।





