
Kerala केरल: स्कूल के मैदान में एक घायल गिलहरी के बच्चे को नई जिंदगी मिली है, जिसे कौवों के हमले के बाद गंभीर हालत में बचाया गया था। यह संवेदनशील घटना इलामपुलासेरी ALP स्कूल में सामने आई, जहां दूसरी कक्षा की छात्रा ईसा मेहर और उनके शिक्षकों ने मिलकर उस नन्हे जीव की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
घटना की शुरुआत तब हुई जब ईसा मेहर अपनी मां के साथ स्कूल जा रही थीं। रास्ते में पनाम्बरा अंडरपास पुल के पास उन्होंने देखा कि कौवों का एक झुंड किसी चीज के आसपास मंडरा रहा था और हमला कर रहा था। जिज्ञासा और चिंता के चलते जब वे पास पहुंचीं तो उन्होंने देखा कि एक छोटा गिलहरी का बच्चा घायल अवस्था में पड़ा था और कौवों के हमले से बुरी तरह डरा हुआ था।
स्थिति को समझते हुए ईसा ने तुरंत बिना देर किए साहसिक कदम उठाया। उन्होंने घायल गिलहरी के बच्चे को सावधानी से उठाया और सुरक्षित स्थान पर ले गईं। पास के एक घर से उन्होंने सूती कपड़ा और पुराना कपड़ा लिया और उसे एक छोटे से डिब्बे में रखकर स्कूल ले आईं ताकि उसकी देखभाल की जा सके।
स्कूल पहुंचने के बाद ईसा ने अपने शिक्षकों को पूरी घटना की जानकारी दी। शिक्षकों ने भी तुरंत स्थिति को गंभीरता से लेते हुए गिलहरी के बच्चे की देखभाल शुरू की। उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया और प्राथमिक देखभाल दी गई।
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इस घटना ने यह संदेश दिया है कि छोटी उम्र में भी बच्चे जिम्मेदारी और दया का परिचय दे सकते हैं। ईसा मेहर के इस कदम को स्कूल में मौजूद सभी लोगों ने सराहा और इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण माना।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे प्रयास न केवल जानवरों की रक्षा करते हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सहानुभूति की भावना को भी मजबूत करते हैं।





