केरल

Kerala : बच्ची की मौत मामले में मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश दिए

Kavita2
25 Jun 2026 3:34 PM IST
Kerala : बच्ची की मौत मामले में मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश दिए
x

Kerala केरल: केरल में सड़क सुरक्षा से जुड़ी कथित लापरवाही के कारण एक बच्ची की मौत के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस अलेक्जेंडर थॉमस ने इस शिकायत पर हाई-लेवल जांच के आदेश जारी किए हैं और मामले की विस्तृत जांच के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि थ्रिक्काकारा म्युनिसिपल काउंसिल के सदस्यों की लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई, जिसमें एक लड़की मावेलीपुरम ओणम पार्क के पास साइकिल चलाते समय सड़क से करीब 30 फीट नीचे गिर गई और उसकी मौत हो गई। आरोप है कि यदि समय पर सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

मानवाधिकार आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वे आरडीओ (RDO) या सब-कलेक्टर स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर भेजकर विस्तृत निरीक्षण कराएं। इसके साथ ही कलेक्टर द्वारा नामित असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस और पीडब्ल्यूडी (PWD) इंजीनियर को भी इस जांच टीम में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच टीम को यह भी तय करना होगा कि दुर्घटना स्थल पर सार्वजनिक सड़क के किनारे सुरक्षा दीवार (सेफ्टी वॉल) न होने के कारण यह हादसा हुआ या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि यदि सुरक्षा दीवार मौजूद होती, तो क्या बच्ची का 30 फीट नीचे गिरना संभव था।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जांच टीम को सड़क के ऊपरी हिस्से और नीचे के दुर्घटना स्थल के बीच ऊंचाई के अंतर का सटीक माप लेना होगा, ताकि यह समझा जा सके कि दुर्घटना की परिस्थितियां कितनी गंभीर थीं और क्या पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।

इसके अलावा, आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि दुर्घटना स्थल की विस्तृत तस्वीरें और फोटोग्राफ्स एकत्र किए जाएं और उन्हें जांच रिपोर्ट के साथ संलग्न किया जाए। इससे घटना के वास्तविक कारणों को समझने में मदद मिलेगी।

स्थानीय स्तर पर इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और सड़कों के किनारे पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं होने के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर तुरंत सुरक्षा दीवारों और अन्य संरचनात्मक उपायों को लागू किया जाए।

म्युनिसिपल काउंसिल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि यदि समय पर रखरखाव और सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। अब आयोग की जांच से यह स्पष्ट होगा कि जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाए।

इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और नागरिक निकायों की जवाबदेही पर भी चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में ऊंचाई वाले स्थानों और सड़कों के किनारे सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल, मानवाधिकार आयोग के आदेश के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी है। जिला प्रशासन द्वारा जल्द ही जांच टीम का गठन किया जाएगा और मौके का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाएगी।

स्थानीय लोगों और परिजनों को अब इस जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि हादसा वास्तव में किस कारण हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

Next Story