
Kerala केरल: कमर्शियल उपयोग के लिए कुकिंग गैस सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई तेज़ बढ़ोतरी का सीधा असर होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर दिखाई देने लगा है। बढ़ती लागत के कारण न सिर्फ कारोबारियों पर दबाव बढ़ा है, बल्कि आम लोगों की जेब पर भी इसका असर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने के बाद होटल और रेस्टोरेंट में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम धीरे-धीरे बढ़ाए जा रहे हैं। इससे रोजाना बाहर खाना खाने वाले लोगों के लिए खर्च बढ़ गया है और कई जगहों पर बजट बिगड़ने की स्थिति बन गई है।
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडर के साथ-साथ अन्य खर्चों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जैसे कि कच्चे माल की कीमतें, बिजली बिल और स्टाफ की लागत। ऐसे में कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
छोटे और मध्यम स्तर के होटल मालिकों का कहना है कि वे पहले ही सीमित मुनाफे पर काम कर रहे थे, लेकिन अब लागत बढ़ने के कारण कई जगहों पर व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। कुछ छोटे रेस्टोरेंट और ढाबे तो पहले ही घाटे के कारण संचालन रोकने पर मजबूर हो गए हैं।
ग्राहकों का कहना है कि पहले जहां सामान्य कीमतों पर भोजन उपलब्ध था, अब वहीं दाम बढ़ने से बाहर खाना महंगा हो गया है। इससे आम लोगों की दैनिक जीवनशैली पर भी असर पड़ रहा है।
व्यवसायियों का कहना है कि यदि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में जल्द राहत नहीं दी गई, तो आने वाले समय में कई और छोटे कारोबार बंद हो सकते हैं, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि गैस की कीमतों में अस्थिरता सीधे तौर पर खाद्य उद्योग को प्रभावित करती है और इसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ता है।
फिलहाल कारोबारी सरकार से राहत और स्थिर नीति की मांग कर रहे हैं, ताकि होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर को राहत मिल सके और आम लोगों पर बढ़ते खर्च का दबाव कम हो सके।





