केरल

केरल HC ने MSC एल्सा-3 जहाज़ डूबने पर मालिकों को नोटिस की दी मंजूरी

SHIDDHANT
21 Aug 2025 9:49 PM IST
केरल HC ने MSC एल्सा-3 जहाज़ डूबने पर मालिकों को नोटिस की दी मंजूरी
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KERAL केरल: हाईकोर्ट ने गुरुवार को एमएससी एल्सा-3 जहाज़ डूबने से जुड़े दावों को लेकर दाखिल एक एडमिरल्टी वाद में जहाज़ मालिकों को सार्वजनिक नोटिस जारी करने की अनुमति दे दी। जहाज़ मालिकों ने इस वाद में Merchant Shipping Act, 1958 की धारा Part XA के तहत दायित्व सीमित करने की मांग की थी, ताकि समुद्री दावों से जुड़ी देनदारियों को नियंत्रित किया जा सके। यह कदम उस समय उठाया गया जब जहाज़ डूबने की घटना के बाद कई पक्षों ने जहाज़ मालिकों के खिलाफ दावा पेश किया। न्यायमूर्ति एम.ए. अब्दुल हकीम ने अंतरिम याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि मालिकों को ‘मलयाला मनोरमा’ के सभी संस्करणों, ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के कोच्चि और मुंबई संस्करणों तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री पत्रिका ‘ट्रेड विंड्स’ में सार्वजनिक नोटिस जारी करने की अनुमति दी जाती है।

वाद में जहाज़ मालिकों ने सात प्रतिवादियों को शामिल किया है जिन्होंने पहले ही दावा किया है। साथ ही, “प्रतिवादी संख्या 8” के रूप में उन सभी व्यक्तियों को चिह्नित किया गया है जो क्षतिपूर्ति का दावा कर सकते हैं। इसका उद्देश्य आम जनता तक सूचना पहुंचाना और संभावित दावेदारों को भी कवर करना है। वादियों के वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि दायित्व सीमित करने का सिद्धांत अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून पर आधारित है और यह वैश्विक व्यापार व शिपिंग सेक्टर के व्यापक हित में है। उन्होंने कहा, “दायित्व सीमित करना सार्वजनिक नीति का हिस्सा है।” गौरतलब है कि प्रतिवादियों के वकीलों ने भी सार्वजनिक नोटिस जारी करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई, जिसके बाद अदालत ने यह अंतरिम आदेश पारित किया।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति हकीम ने मौखिक रूप से कहा, “यह कदम न्याय की उन्नति के लिए है, इससे उद्देश्य बाधित नहीं होगा।” वरिष्ठ वकील वी.जे. मैथ्यू ने यह भी उल्लेख किया कि केरल हाईकोर्ट ने अभी तक Part XA के अंतर्गत दावों से निपटने के लिए अलग नियम निर्धारित नहीं किए हैं। हालांकि, अदालत ने बताया कि बॉम्बे और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उदाहरणों के आधार पर पहले ही एक समन्वय पीठ ने रजिस्ट्री को वाद को नंबर आवंटित करने का निर्देश दिया था। अदालत ने वादियों को तीन दिन के भीतर ड्राफ्ट पब्लिकेशन प्रस्तुत करने का आदेश दिया और मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को निर्धारित की।

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